Uttarakhand Infrastructure Projects : देहरादून में शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तराखंड में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।
पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने जानकारी दी कि मौजूदा समय में प्रदेश के अंदर 3.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली कुल 42 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन सभी प्रोजेक्ट्स की निगरानी सीधे भारत सरकार के ‘प्रगति पोर्टल’ (PRAGATI) के जरिए की जा रही है।
प्रगति पोर्टल से हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि 2015 में शुरू हुआ प्रगति पोर्टल (प्रो-एक्टिव एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) परियोजनाओं की लेटलतीफी खत्म करने और जन शिकायतों के समाधान में कारगर साबित हुआ है।
डिजिटल इंडिया के तहत लॉन्च हुए इस प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंड के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स का रिव्यू किया जा रहा है, जिनकी कुल लागत 1.22 लाख करोड़ रुपये है। अब तक राज्य में 10 बड़ी योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि 32 परियोजनाओं पर काम जारी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के हर क्षेत्र में बढ़ा काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन 32 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उनमें से 12 की सीधी मॉनिटरिंग प्रगति पोर्टल कर रहा है। इनमें सबसे ज्यादा जोर कनेक्टिविटी पर है।
राज्य में सड़क और राजमार्ग की 19 परियोजनाएं, रेलवे की 2, ऊर्जा उत्पादन की 3 और आईटी सेक्टर की 3 परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा और जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी एक-एक परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है।
रेल और रोड कनेक्टिविटी से बदलेगी तस्वीर
पहाड़ पर सफर आसान बनाने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन और चार धाम सड़क परियोजना को गेम चेंजर बताया गया है। सीएम धामी ने कहा कि रेलवे लाइन का काफी काम पूरा हो चुका है।
कर्णप्रयाग तक ट्रेन पहुंचने से मानसून में रास्ते बंद होने की समस्या खत्म होगी और सामरिक रूप से सेना को भी मदद मिलेगी। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी और धनोल्टी आने वाले पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया।
केंद्र से मिली 1800 करोड़ की विशेष मदद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने बताया कि भागीरथी इको-सेंसिटिव जोन की चुनौतियों के बावजूद केंद्र सरकार लगातार मदद कर रही है। वित्त मंत्रालय ने ‘पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना’ (SASCI 2025-26) के तहत उत्तराखंड को 734 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण और शहरी भूमि सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
इस तरह चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र से मिली कुल सहायता राशि 1,806.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सीएम ने कहा कि यह मदद ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।



















