Health Tips : हम में से ज्यादातर लोग मानते हैं कि दिन की शुरुआत ताजे फलों के साथ करना सेहत के लिए सबसे अच्छा होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुबह का पहला निवाला ही यह तय करता है कि दिनभर आपकी एनर्जी कैसी रहेगी?
न्यूट्रिशनिस्ट्स की राय आम धारणा से थोड़ी अलग है। अगर आप भी उठते ही सबसे पहले फल खाते हैं, तो जान लें कि यह आदत फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती है।
फलों से क्यों न करें शुरुआत?
अगर आप सुबह सबसे पहले फ्रूट्स खाते हैं, तो ये शरीर में बहुत आसानी से और जल्दी पच जाते हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है।
शुगर बढ़ने से शरीर में इंसुलिन का स्तर भी ऊपर जाता है, जो कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हॉर्मोन) को बढ़ा देता है। नतीजा यह होता है कि आपको थोड़ी ही देर में दोबारा तेज भूख लगने लगती है और शरीर में तनाव महसूस हो सकता है।
डायबिटीज में खास सावधानी जरूरी
जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है या जो हार्मोनल इंबैलेंस (असंतुलन) से जूझ रहे हैं, उन्हें इस मामले में खास सतर्क रहने की जरूरत है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे लोगों को भूलकर भी अपने ब्रेकफास्ट की शुरुआत सिर्फ मीठे फलों से नहीं करनी चाहिए। यह उनके शुगर लेवल को अनियंत्रित कर सकता है।
नट्स और हेल्दी फैट हैं बेहतर विकल्प
फलों के मुकाबले नट्स (सूखे मेवे) में नेचुरल फैट होता है। इसके अलावा घी, ऑलिव ऑयल या नारियल का तेल भी हेल्दी फैट के बेहतरीन स्रोत हैं।
जब आप सुबह सबसे पहले इन्हें खाते हैं, तो ये शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं। दरअसल, फैट को पचने में समय लगता है।
इस वजह से शुगर लेवल स्थिर रहता है और इंसुलिन में अचानक उछाल (स्पाइक) नहीं आता।
गट हेल्थ और एनर्जी के लिए सलाह
हेल्दी फैट से दिन शुरू करने का एक बड़ा फायदा यह है कि इससे बार-बार खाने की इच्छा (क्रेविंग) नहीं होती और पेट की सेहत (गट हेल्थ) में सुधार होता है।
इसीलिए ज्यादातर न्यूट्रिशनिस्ट सलाह देते हैं कि दिन का आगाज हमेशा भीगे हुए नट्स या किसी नेचुरल फैट के साथ ही करना चाहिए।















