Health Tips : अक्सर दिनभर की भागदौड़ और शारीरिक मेहनत के बाद थकान होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर आप बिना किसी भारी काम के भी हमेशा थका हुआ और चिड़चिड़ा महसूस करते हैं, तो आपको सावधान होने की जरूरत है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गंभीर मेडिकल और शारीरिक कारण छिपे हो सकते हैं।
नींद और हार्मोन का सीधा कनेक्शन
अच्छी सेहत की पहली शर्त हाई क्वालिटी नींद है। जब हम सोते हैं, तब हमारा दिमाग शरीर के सेल्स की मरम्मत के लिए ग्रोथ हार्मोन रिलीज करता है। स्टडीज बताती हैं कि एक वयस्क इंसान को कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
अगर सोने की जगह सही नहीं है, तनाव है या कोई बीमारी है, तो नींद की क्वालिटी खराब हो जाती है। यही वजह है कि दिन में सुस्ती बनी रहती है। नींद में सुधार करके इस थकान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
तनाव और गंभीर बीमारियों के संकेत
स्ट्रेस या तनाव सेहत का बड़ा दुश्मन है। यह न सिर्फ मानसिक रूप से थकाता है, बल्कि शरीर में सूजन (Inflammation) का कारण भी बनता है।
हालांकि तनाव से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन रोजाना एक्सरसाइज, रिलैक्सिंग बाथ या आराम के जरिए इसे मैनेज किया जा सकता है।
थकान का संबंध कई बार सीधे तौर पर मेडिकल कंडीशन से होता है। स्लीप एपनिया, हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज, किडनी की समस्या, डिप्रेशन, मल्टीपल स्केलेरोसिस और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों में भी मरीज को लगातार थकान महसूस होती है।
इन बीमारियों का सही इलाज शुरू होते ही ऊर्जा के स्तर में सुधार देखने को मिलता है।
पोषक तत्वों की कमी पर दें ध्यान
शरीर में जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी थकान का सबसे आम कारण है। विशेष रूप से आयरन और मैग्नीशियम की कमी होने पर ऊर्जा का स्तर गिर जाता है।
इसके अलावा, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मेटाबॉलिज्म क्षमता और ऑक्सीजन वितरण के लिए जरूरी विटामिन बी12 को एब्जॉर्ब (अवशोषित) करने की ताकत कम होने लगती है।
ऐसे में अगर खान-पान सही होने के बावजूद थकान बनी हुई है, तो यह इन पोषक तत्वों की कमी का स्पष्ट लक्षण है।















