देहरादून : उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा अपग्रेड मिला है। रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी साल आगामी शैक्षिक सत्र से शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए इन दोनों जिलों के जिला चिकित्सालयों को अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया है।
स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले के बाद अब पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर के लिए जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय का उपयोग किया जाएगा।
वहीं, पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए बीडी पाण्डेय जिला चिकित्सालय और महिला चिकित्सालय दोनों को मर्ज कर चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है।
अब प्राचार्य के हाथ में होगी कमान
अब तक इन अस्पतालों का संचालन चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कर रहा था। शासन के नए आदेश के मुताबिक, अब इनका पूरा प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य या निदेशक के पास होगा।
अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के मानकों (MCI) के अनुसार चलाने के लिए जरूरी उपकरण और दवाओं की व्यवस्था भी अब चिकित्सा शिक्षा विभाग ही करेगा।
स्टाफ की सैलरी पर क्या है आदेश?
ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन अस्पतालों में पहले से तैनात स्टाफ के वेतन का भुगतान अगले एक साल तक वर्तमान व्यवस्था (चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग) के तहत ही होता रहेगा।
एक साल की अवधि पूरी होने के बाद इन इकाइयों का पूर्ण संचालन और वेतन व्यवस्था विधिवत रूप से चिकित्सा शिक्षा विभाग अपने हाथ में ले लेगा।
मरीजों और छात्रों को सीधा लाभ
जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज से जोड़ने का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय जनता और मेडिकल छात्रों को मिलेगा। अस्पतालों के मेडिकल कॉलेज का हिस्सा बनने से वहां सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इससे मेडिकल छात्रों को ट्रेनिंग के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा और रुद्रपुर-पिथौरागढ़ के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।



















