Health Tips : आजकल हर कोई फिटनेस को लेकर जागरूक है। नई पीढ़ी खास तौर पर ऐसे खाने की तलाश में रहती है जो स्वाद के साथ-साथ सेहत भी बनाए।
इसी मांग को देखते हुए बाजार ‘हेल्दी फूड’ के विकल्पों से भर गया है। कंपनियां बड़े-बड़े दावों के साथ अपने प्रोडक्ट्स बेच रही हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिन चीजों को आप आंख मूंदकर हेल्दी मान रहे हैं, वे सच में फायदेमंद हैं? हकीकत यह है कि कई ‘सो कॉल्ड हेल्दी’ फूड्स आपकी सेहत को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा रहे हैं।
यहां जानिए बाजार में मिल रहे ऐसे ही कुछ उत्पादों का सच।
फ्लेवर्ड ओट्स: स्वाद के चक्कर में सेहत से खिलवाड़
ओट्स को हम सेहत का खजाना मानते हैं। यह सही है कि सादे ओटमील में लो कैलोरी और जरूरी न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो वजन कम करने और बॉडी को फिट रखने में मदद करते हैं।
दिक्कत तब आती है जब आप ‘फ्लेवर्ड ओट्स’ चुनते हैं। कंपनियों द्वारा स्वाद बढ़ाने के लिए इनमें आर्टिफिशियल फ्लेवर, रंग और शुगर सिरप मिलाया जाता है।
ये चीजें किसी भी लिहाज से हेल्दी नहीं हैं। इसलिए हमेशा सादे ओट्स ही चुनें।
ब्राउन ब्रेड: सिर्फ रंग का खेल
व्हाइट ब्रेड के मुकाबले ब्राउन ब्रेड को हेल्दी माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर ज्यादा होता है। डायटीशियन भी इसे खाने की सलाह देते हैं। लेकिन बाजार का सच थोड़ा अलग है।
कई सस्ते और लोकल ब्रांड्स ब्राउन ब्रेड बनाने में आटे का इस्तेमाल नाममात्र करते हैं। वे मैदे में ही गहरा रंग (Color), आर्टिफिशियल फ्लेवर और चीनी मिलाकर उसे ब्राउन ब्रेड की तरह बेच देते हैं।
ब्रेड खरीदते समय हमेशा एक अच्छे ब्रांड का चुनाव करें और पैकेट के पीछे लिखी ‘इंग्रेडिएंट्स लिस्ट’ जरूर पढ़ें।
पैक्ड जूस और स्मूदी का सच
फलों का जूस और स्मूदी सुनते ही हमें लगता है कि यह सबसे हेल्दी ड्रिंक है। कंपनियां इन्हें ‘नेचुरल’ और ‘हेल्दी’ बताकर खूब बेचती हैं।
असलियत यह है कि डब्बाबंद जूस में फलों का अंश न के बराबर होता है। इनमें भारी मात्रा में शुगर, कलर और एसेंस मिलाया जाता है।
यहां तक कि बाजार में मिलने वाली ताजी स्मूदी में भी कई बार बासी फलों का इस्तेमाल होता है और स्वाद के लिए ऊपर से चीनी डाली जाती है। इससे बेहतर है कि आप घर पर ताजे फलों का जूस पिएं।
एनर्जी ड्रिंक्स और ब्रेकफास्ट सीरियल
जिम जाने वाले युवाओं में वर्कआउट के बाद एनर्जी ड्रिंक पीने का चलन बढ़ा है। यह कुछ देर के लिए तो ऊर्जा दे सकता है, लेकिन सेहत के लिहाज से यह सही नहीं है।
इसमें मौजूद तत्व बच्चों और युवाओं के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। यही हाल ब्रेकफास्ट सीरियल का है। नाश्ते में जल्दी तैयार होने वाले ये सीरियल्स अक्सर एक्स्ट्रा शुगर और आर्टिफिशियल टेस्ट से भरे होते हैं, जबकि इनमें फाइबर बहुत कम होता है।
खुद को फिट रखने के लिए घर पर अलग-अलग अनाजों से बना नाश्ता या फ्रेश फ्रूट्स खाना सबसे सुरक्षित विकल्प है।















