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Rishikesh : गंगा में गंदा पानी बहा रहे 14 घरों पर गिरी गाज, प्रशासन ने बंद किए पाइप

देहरादून जिला प्रशासन ने ऋषिकेश में गंगा स्वच्छता को लेकर सख्त कदम उठाते हुए ढालवाला नाले में सीधे गिर रहे 14 भवनों के ग्रे-वाटर पाइप बंद कर दिए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निरीक्षण के बाद नगर निगम और जल संस्थान ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए क्षेत्र की 2 नालियों की टैपिंग भी पूरी की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी में बिना शोधन के गिर रहे अपशिष्ट जल को रोकना है।

Published on: February 1, 2026 9:22 PM
Rishikesh : गंगा में गंदा पानी बहा रहे 14 घरों पर गिरी गाज, प्रशासन ने बंद किए पाइप
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HIGHLIGHTS

  1. जिलाधिकारी सविन बंसल की नाराजगी के बाद ऋषिकेश के ढालवाला नाले पर तत्काल एक्शन लिया गया।
  2. निरीक्षण में 21 में से 14 भवनों का गंदा पानी बिना सीवर कनेक्शन के सीधे नाले में बहता पाया गया।
  3. जल संस्थान ने सभी 14 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर मौके पर ही जल निकासी बंद कर दी।
  4. क्षेत्र की 2 बड़ी नालियों की टैपिंग कर उनके पानी को सीवर लाइन से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी हुई।

ऋषिकेश : देहरादून जिला प्रशासन ने ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में गंगा को प्रदूषित होने से बचाने के लिए रविवार को बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी सविन बंसल ने पिछले दिनों चंद्रेश्वर और ढालवाला नाले का औचक निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई घरों का ग्रे-वाटर (अपशिष्ट जल) बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे गंगा में प्रवाहित हो रहा है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर छापेमारी

डीएम ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए नगर निगम और जल संस्थान (गंगा) के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। आदेश मिलते ही दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने ढालवाला नाले के आसपास के क्षेत्र में सर्वे शुरू किया। इस सर्वे में कुल 21 भवनों की जांच की गई, जिनमें से केवल 7 भवनों में वैध सीवर कनेक्शन पाया गया।

14 घरों के पाइप बंद और 2 नालियों की टैपिंग

जांच में दोषी पाए गए 14 भवन स्वामियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उनके ग्रे-वाटर पाइपों को मौके पर ही बंद कर दिया गया। इन सभी को विभाग की ओर से नोटिस भी थमाए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने क्षेत्र की 2 बड़ी नालियों की टैपिंग कर दी है, ताकि उनका पानी नाले के बजाय सीधे सीवर सिस्टम में जाए।

पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर अभियान

प्रशासन की इस सक्रियता के बाद अब ढालवाला नाले से गंगा में गिरने वाला अपशिष्ट जल पूरी तरह रुक गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी बिना सीवर कनेक्शन वाले भवनों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसा जाएगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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