ऋषिकेश : देहरादून जिला प्रशासन ने ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में गंगा को प्रदूषित होने से बचाने के लिए रविवार को बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी सविन बंसल ने पिछले दिनों चंद्रेश्वर और ढालवाला नाले का औचक निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई घरों का ग्रे-वाटर (अपशिष्ट जल) बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे गंगा में प्रवाहित हो रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर छापेमारी
डीएम ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए नगर निगम और जल संस्थान (गंगा) के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। आदेश मिलते ही दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने ढालवाला नाले के आसपास के क्षेत्र में सर्वे शुरू किया। इस सर्वे में कुल 21 भवनों की जांच की गई, जिनमें से केवल 7 भवनों में वैध सीवर कनेक्शन पाया गया।
14 घरों के पाइप बंद और 2 नालियों की टैपिंग
जांच में दोषी पाए गए 14 भवन स्वामियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उनके ग्रे-वाटर पाइपों को मौके पर ही बंद कर दिया गया। इन सभी को विभाग की ओर से नोटिस भी थमाए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने क्षेत्र की 2 बड़ी नालियों की टैपिंग कर दी है, ताकि उनका पानी नाले के बजाय सीधे सीवर सिस्टम में जाए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर अभियान
प्रशासन की इस सक्रियता के बाद अब ढालवाला नाले से गंगा में गिरने वाला अपशिष्ट जल पूरी तरह रुक गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी बिना सीवर कनेक्शन वाले भवनों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसा जाएगा।



















