ITR Filing Rule 2026 : यूनियन बजट 2026 के बाद मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा सामने आई है। अक्सर जल्दबाजी या दस्तावेजों की कमी के कारण रिटर्न भरते समय होने वाली गलतियों को सुधारने के लिए अब करदाताओं को 31 मार्च तक का अतिरिक्त समय मिलेगा।
सरकार ने संशोधित रिटर्न (Revised Return) की समय सीमा को बढ़ाकर उन लोगों की चिंता कम कर दी है जो नोटिस के डर में रहते थे। अब यदि आपसे कोई कटौती (Deduction) क्लेम करना छूट गया है या कोई अतिरिक्त आय घोषित करना भूल गए हैं, तो उसे समय रहते सुधारा जा सकता है।
देरी और सुधार पर लगेगा जुर्माना
राहत की इस खबर के साथ वित्तीय अनुशासन का भी खास ध्यान रखा गया है, क्योंकि यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त नहीं है। यदि आप मूल समय सीमा के बाद रिटर्न फाइल करते हैं या उसमें बदलाव करते हैं, तो आपको ‘लेट फाइलिंग फीस’ का भुगतान करना होगा।
जुर्माने की यह राशि आपकी सालाना आय पर निर्भर करेगी। 5 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए जुर्माना कम रखा गया है, जबकि इससे अधिक आय वाले करदाताओं को भारी पेनल्टी देनी होगी। इसके अलावा, यदि सुधार के बाद आपकी टैक्स देनदारी बढ़ती है, तो उस पर बकाया ब्याज भी वसूला जाएगा।
सैलरीड क्लास को मिलेगा सीधा लाभ
इस नियम का सबसे बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को होगा जिन्हें एंप्लॉयर से फॉर्म-16 या बैंक से ब्याज सर्टिफिकेट देरी से मिलते हैं। कई बार नौकरीपेशा लोग अनुमान के आधार पर रिटर्न भर देते हैं जिससे आंकड़ों में विसंगति पैदा हो जाती है।
पहली बार टैक्स भरने वाले युवाओं के लिए भी यह व्यवस्था सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। गलत फॉर्म के चुनाव या डेटा की त्रुटि होने पर नोटिस का इंतजार करने के बजाय, वे खुद अपनी गलती सुधार सकेंगे। यह प्रक्रिया न केवल भविष्य की कानूनी पेचीदगियों से बचाएगी, बल्कि करदाताओं की मानसिक शांति भी सुनिश्चित करेगी।



















