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Kisan Credit Card की लिमिट बढ़ी, अब मिलेगा 5 लाख तक का लोन

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खेती, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्र के लिए बड़े निवेश की घोषणा की है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, तटीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए 500 जलाशयों के विकास और सी-फूड निर्यात पर टैक्स कटौती का प्रस्ताव रखा गया है।

Published on: February 2, 2026 11:05 AM
Kisan Credit Card की लिमिट बढ़ी, अब मिलेगा 5 लाख तक का लोन
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HIGHLIGHTS

  1. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लोन लिमिट अब 3 लाख के बजाय 5 लाख रुपये होगी।
  2. देश भर में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को मत्स्य पालन के लिए विकसित किया जाएगा।
  3. सी-फूड सेक्टर को मजबूती देने के लिए सुरिमी और मछली के चारे पर आयात शुल्क (Custom Duty) में भारी कटौती।
  4. अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे द्वीप समूहों में समुद्री संसाधनों के टिकाऊ उपयोग पर विशेष जोर।

Kisan Credit Card : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था और तटीय क्षेत्रों के विकास का नया रोडमैप पेश किया है। सरकार का मुख्य ध्यान दक्षिण भारत की प्लांटेशन फसलों जैसे नारियल, कोको, काजू और चंदन की खेती को विस्तार देने पर है।

इसके साथ ही पशुपालन, डेयरी और महिला संचालित ग्रामीण व्यवसायों को वित्तीय सहायता देने के लिए कई नई योजनाओं की नींव रखी गई है।

केसीसी लोन सीमा में बड़ी बढ़ोतरी

किसानों की नकदी समस्याओं को दूर करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। अब ब्याज सब्सिडी के दायरे में आने वाले लोन की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इस फैसले से वर्तमान में केसीसी का लाभ ले रहे 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी संचालकों को अपनी खेती और व्यवसाय बढ़ाने के लिए अधिक पूंजी मिल सकेगी।

ब्लू इकोनॉमी और 500 जलाशयों का विकास

मत्स्य पालन क्षेत्र को संगठित करने के लिए सरकार ने 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास का लक्ष्य रखा है। इस पहल के माध्यम से मछुआरों को स्टार्टअप्स और महिला समूहों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे बिचौलियों के बिना सीधे बाजार तक पहुंच सकें। तटीय इलाकों में रहने वाले मछली किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को इस ढांचागत विकास से सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है।

सी-फूड निर्यात के लिए टैक्स में कटौती

भारत को वैश्विक सी-फूड बाजार में नंबर वन बनाने के लिए कस्टम ड्यूटी के मोर्चे पर राहत दी गई है। फ्रोजन फिश पेस्ट (सुरिमी) पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को 30% से घटाकर मात्र 5% कर दिया गया है। मछली और झींगा पालन में इस्तेमाल होने वाले चारे (फिश हाइड्रोलाइसेट) पर भी आयात शुल्क को 15% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे मछली पालन की लागत में कमी आएगी।

द्वीप समूहों पर विशेष ध्यान

भारत के 60 हजार करोड़ रुपये के सी-फूड निर्यात को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और खुले समुद्र के संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने विशेष रूप से अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह के लिए नई व्यवस्था लागू करने की बात कही है। इन क्षेत्रों में समुद्री संसाधनों का दोहन पूरी तरह से वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से किया जाएगा ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

Parul Sharma

पारुल शर्मा 'दून हॉराइज़न' के बिज़नेस और फाइनेंस विभाग में एक प्रमुख आवाज़ हैं। पिछले एक वर्ष से, वह उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक नीतियों, बाज़ार के रुझानों और कॉर्पोरेट जगत की खबरों का विश्लेषण कर रही हैं। पारुल ने रांची विश्वविद्यालय से अपनी स्नातकोत्तर की शिक्षा पूरी की है। पारुल का उद्देश्य पाठकों तक ऐसी खबरें पहुँचाना है जो न केवल तथ्यात्मक हों, बल्कि उनके वित्तीय निर्णयों में मददगार भी साबित हों। 📧 Email: babitaupadhyay803@gmail.com

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