Uttarakhand Budget 2026 : देहरादून के बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर मीडिया से विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने इस बजट को देश की आत्मा और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला बताया। सीएम ने स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को साधने वाला यह बजट उत्तराखंड के समावेशी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी को मिलेगा विशेष लाभ
मुख्यमंत्री ने बजट के प्रावधानों को राज्य के परिप्रेक्ष्य में समझाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष फोकस किया है। इसका सीधा फायदा उत्तराखंड के बड़े शहरों जैसे देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी को मिलेगा। इन शहरों में शहरी अवसंरचना (Urban Infrastructure) और सुविधाओं का विस्तार अब और तेजी से हो सकेगा।
हर जिले में बनेंगे महिला छात्रावास
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बजट को महत्वपूर्ण बताते हुए सीएम धामी ने एक बड़ी घोषणा को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि बजट में प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावास (Working Women Hostels) बनाने की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
पर्यटन और ग्रीन इकोनॉमी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी वन संपदा और पर्वतीय भूगोल के लिए जाना जाता है। बजट में ग्रीन एनर्जी पर दिए गए विशेष जोर से राज्य की ‘ग्रीन इकोनॉमी’ को नई ताकत मिलेगी। इसके साथ ही, पर्यटन क्षेत्र में किए गए नए नीतिगत बदलावों से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आयुष, फार्मा, हथकरघा और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण आर्थिकी भी मजबूत होगी।
16वें वित्त आयोग और केंद्र का सहयोग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए कहा कि बजट में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप उत्तराखंड के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। राज्य सरकार ने समय-समय पर जो प्रस्ताव केंद्र को भेजे थे, उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस बजट में शामिल किया गया है। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।



















