Health Tips : आजकल घर के सादे खाने से बोर होकर कुछ चटपटा खाने का मन करना आम बात है। पिज्जा, बर्गर, फ्राइज और मोमोज का स्वाद जुबान पर चढ़ चुका है।
खासतौर पर युवा और बच्चे आए दिन बाहर का खाना या ऑनलाइन ऑर्डर करने की जिद करते हैं। हम सभी जानते हैं कि जंक फूड सेहत का दुश्मन है, लेकिन इसे पूरी तरह छोड़ना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं होता।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कितनी मात्रा में या हफ्ते में कितनी बार जंक फूड खाना सुरक्षित है?
हफ्ते में 1-2 बार ही खाएं
जंक फूड में रिफाइंड शुगर, अत्यधिक कैलोरी और अनहेल्दी फैट्स की भरमार होती है, जबकि शरीर को ताकत देने वाले पोषक तत्व न के बराबर होते हैं।
वैसे तो इसे खाने की कोई भी ‘यूनिवर्सल लिमिट’ तय नहीं है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका सेवन कम से कम होना चाहिए।
अगर आप सेहत और स्वाद दोनों को साथ लेकर चलना चाहते हैं, तो हफ्ते में एक या दो बार ही जंक फूड खाना काफी है।
इससे ज्यादा बार खाने पर शरीर में फैट और टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जो तुरंत तो नहीं, लेकिन धीरे-धीरे असर दिखाते हैं।
भविष्य की बीमारियों का खतरा
कई लोगों को लगता है कि रोज बाहर का खाने से उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो रही, इसलिए वे इसे अपनी आदत बना लेते हैं। हकीकत यह है कि जंक फूड का असर तुरंत नजर नहीं आता।
लंबे समय तक इसका सेवन करने से डायबिटीज, दिल से जुड़ी बीमारियां, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे जैसी गंभीर समस्याएं घेर सकती हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि स्वाद के चक्कर में हम अपनी उम्र कम कर रहे हैं।
खाने को बैलेंस करना है जरूरी
अगर आप जंक फूड खा भी रहे हैं, तो कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। मेन्यू में हमेशा ऐसे विकल्प चुनें जो दूसरों के मुकाबले थोड़े कम नुकसानदायक हों।
सिर्फ जंक फूड पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने बाकी दिनों के खाने में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें ताकि डाइट बैलेंस रहे।
सबसे अहम बात यह है कि अगर आप कैलोरी वाला खाना खा रहे हैं, तो उसे बर्न भी करें। अपने डेली रूटीन में किसी न किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज को जरूर शामिल करें।















