Dehradun Drug Raid : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और ड्रग प्रशासन की संयुक्त टीम ने आज देहरादून के चंद्रनगर (प्रिंस चौक) इलाके में स्थित तीन थोक मेडिकल फर्मों पर छापा मारा।
“Safe Drugs: Safe Life” अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में मेडिकोन फार्मा, वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर और मैनकाइंड प्राइम लैब प्राइवेट लिमिटेड के गोदामों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में हुई इस जांच के दौरान दवाइयों के भंडारण में भारी गंदगी और नियमों की अनदेखी उजागर हुई है।
दवा वितरण पर रोक और सीलिंग की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान मेडिकोन फार्मा और वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर के परिसरों में दवाइयां सीधे फर्श पर रखी पाई गईं। दीवारों और फर्श पर अत्यधिक सीलन होने के कारण दवाइयों की पेटियों पर फंगस जमी मिली।
ड्रग इंस्पेक्टरों ने पाया कि एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी, बल्कि वे नई दवाओं के साथ ही मिक्स थीं। जन स्वास्थ्य के साथ इस खिलवाड़ को देखते हुए प्राधिकरण ने मेडिकोन फार्मा और वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर से दवाइयों के वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
20 साल पुराने कारोबार में नियमों की अनदेखी
मैनकाइंड प्राइम लैब में भी दवाइयां सीधी धूप में रखी मिलीं, जो उनके रसायनिक संतुलन को बिगाड़ सकती हैं। जांच टीम उस समय हैरान रह गई जब 20 वर्षों से काम कर रहे स्टोर मालिकों को एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण (डिस्पोजल) की प्रक्रिया तक की जानकारी नहीं थी।
तीसरी मंजिल पर 2-3 साल पुराने एक्सपायरी सर्जिकल ग्लब्स गिफ्ट आइटम के साथ डंप किए गए थे। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ, तो इन फर्मों के लाइसेंस स्थाई रूप से निरस्त कर दिए जाएंगे।



















