Skoda Kylaq : स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया (Skoda Auto Volkswagen India) ने भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ का सबूत देते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
कंपनी की पहली सब-4 मीटर एसयूवी, स्कोडा कायलाक (Skoda Kylaq) ने लॉन्च के महज एक साल के अंदर 50,000 यूनिट प्रोडक्शन का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। यह माइलस्टोन जनवरी 2026 में पूरा हुआ, जो कंपनी की ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल की सफलता को दर्शाता है।
बिक्री और प्रोडक्शन का गणित
आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच स्कोडा कायलाक की कुल 46,872 यूनिट्स ग्राहकों को बेची गईं। इसका मतलब है कि हर महीने औसतन करीब 3,900 गाड़ियां शोरूम से बाहर निकलीं।
50,000 यूनिट प्रोडक्शन का जो आंकड़ा अभी सामने आया है, उसमें जनवरी 2026 में बनी और डिस्पैच की गई गाड़ियां भी शामिल हैं। यही कारण है कि यह संख्या 2025 की सेल्स रिपोर्ट से ज्यादा है।
कंपनी के लिए ‘गेम-चेंजर’ साबित हुई कायलाक
स्कोडा कायलाक कंपनी के लिए वाकई में एक टर्निंग पॉइंट रही है। साल 2025 में स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया ग्रुप ने जो 36 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की, उसमें सबसे बड़ा हाथ इसी एसयूवी का रहा।
भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से तैयार डिजाइन, सही कीमत और दमदार फीचर्स ने इसे बाजार में हिट बना दिया।
केंद्रीय मंत्री ने की तारीफ
इस 50,000वीं यूनिट के जश्न में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी भी शामिल हुए। उन्होंने कंपनी की इस रफ्तार को घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और लोकलाइजेशन के लिए एक बेहतरीन उदाहरण बताया।
वहीं, स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के एमडी और सीईओ पीयूष अरोड़ा ने कहा कि यह सफलता ग्राहकों के भरोसे का परिणाम है। उनके मुताबिक, कायलाक यह साबित करती है कि भारत में डिजाइन और इंजीनियर की गई गाड़ियां ग्लोबल लेवल का दम रखती हैं।
चाकन प्लांट की ताकत बढ़ी
स्कोडा ने इस एसयूवी की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए अपनी कमर कस ली है। कंपनी ने अपने पुणे स्थित चाकन प्लांट की प्रोडक्शन क्षमता में 30 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
इसके अलावा, घरेलू सप्लायर्स के साथ साझेदारी को और मजबूत किया जा रहा है ताकि लागत कम रखी जा सके और उत्पादन में तेजी आए। कंपनी का कहना है कि यह उपलब्धि भारत में पिछले 25 सालों के निवेश और स्थानीय टैलेंट का नतीजा है।



















