Tata vs Maruti : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में वित्त वर्ष (FY) 2025 के दौरान एक बड़ा और स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों ने CNG कारों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है।
आंकड़ों के मुताबिक, इस साल देश में कुल 45,29,913 कारें बिकीं, जिनमें से 8,38,546 गाड़ियां CNG किट वाली थीं। यानी अब शोरूम से निकलने वाली हर पांचवीं नई कार CNG है। यह कुल बिक्री का करीब 18.5% हिस्सा है।
मारुति सुजुकी की बेजोड़ बादशाहत
CNG सेगमेंट में मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। कंपनी ने अकेले 5,91,730 यूनिट्स बेचकर बाजार के 70.6% हिस्से पर कब्जा जमा लिया।
मारुति के पास फिलहाल देश का सबसे बड़ा CNG पोर्टफोलियो है, जिसमें ऑल्टो, वैगनआर और स्विफ्ट से लेकर ग्रैंड विटारा तक कुल 13 मॉडल शामिल हैं। ग्राहकों के बीच मारुति अर्टिगा (Ertiga) सबसे ज्यादा लोकप्रिय रही, जिसकी अकेले 1,29,920 यूनिट्स बिकीं। इसके अलावा वैगनआर और डिजायर को भी खूब पसंद किया गया।
टाटा और हुंडई में दूसरे नंबर की जंग
टाटा मोटर्स (Tata Motors) 16.6% हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रही। कंपनी ने कुल 1,39,460 CNG कारें बेचीं, जिसमें माइक्रो-एसयूवी ‘पंच’ (Punch) 71,113 यूनिट्स के साथ इनका बेस्ट-सेलर मॉडल रही। कंपनी भविष्य में सिएरा (Sierra) में भी CNG विकल्प लाने की योजना बना रही है।
तीसरे नंबर पर हुंडई (Hyundai) रही, जिसने 79,267 यूनिट्स बेचकर 9.5% मार्केट शेयर हासिल किया। हुंडई के बेड़े में ऑरा (Aura) CNG सबसे ज्यादा पॉपुलर रही, जिसकी 49,464 यूनिट्स बिकीं।
टोयोटा को मिला साझेदारी का फायदा
मारुति सुजुकी के साथ रणनीतिक साझेदारी का सीधा लाभ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (Toyota) को मिला है। टोयोटा ने ग्लैंजा और अर्बन क्रूजर हायराइडर जैसे मॉडल्स के दम पर 28,089 CNG कारें बेचीं और 3.3% बाजार हिस्सेदारी हासिल की। इसमें सबसे बड़ा योगदान रुमियन (Rumion) का रहा, जो मारुति अर्टिगा पर ही आधारित है। रुमियन की 11,137 यूनिट्स सड़कों पर उतरीं।
डीजल से क्यों हुआ मोहभंग?
ग्राहकों का डीजल कारों से दूर होने का मुख्य कारण नए और कड़े एमिशन नियम हैं, जिससे डीजल इंजन वाली गाड़ियां महंगी और जटिल हो गई हैं। छोटे और मिड-साइज सेगमेंट में डीजल अब व्यावहारिक विकल्प नहीं रहा।
इसके विपरीत, कम रनिंग कॉस्ट और शानदार माइलेज ने CNG को ‘वैल्यू-फॉर-मनी’ बना दिया है। यही कारण है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार CNG कारों की बिक्री में सीधे 22% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।



















