Volkswagen Virtus 1.5 : जर्मन ऑटोमेकर फॉक्सवैगन ने भारतीय बाजार में अपनी रणनीति बदलते हुए वर्टूस सेडान के सबसे पावरफुल 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ मिलने वाले मैनुअल गियरबॉक्स को हमेशा के लिए बंद कर दिया है।
अब इस इंजन के साथ ग्राहकों को केवल 7-स्पीड DSG (ऑटोमैटिक) ट्रांसमिशन का ही विकल्प मिलेगा। कंपनी का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वह अपने प्रीमियम वेरिएंट्स की बढ़ती मांग को देख रही है।
प्रीमियम वेरिएंट्स की भारी डिमांड
फॉक्सवैगन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, टाइगुन और वर्टूस की कुल बिक्री में 60% योगदान इनके टॉप-स्पेक GT, GT प्लस और GT स्पोर्ट प्लस वेरिएंट्स का है। बाजार में अब ग्राहक पावरफुल इंजन के साथ ऑटोमैटिक ड्राइविंग को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। वर्तमान में 1.5-लीटर TSI ईवो इंजन 148bhp की पावर और 250Nm का टॉर्क जनरेट करता है, जो अब विशेष रूप से ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ ही उपलब्ध होगा।
2026 तक पांच नए मॉडल्स की तैयारी
कंपनी ने पुष्टि की है कि इस साल के अंत तक टाइगुन और वर्टूस दोनों को मिड-लाइफ फेसलिफ्ट अपडेट दिया जाएगा। इन अपडेट्स में नए डिजाइन एलिमेंट्स और आधुनिक फीचर्स शामिल होंगे, जो काफी हद तक हाल ही में चर्चा में रहे स्कोडा कुशाक फेसलिफ्ट जैसे हो सकते हैं।
इसके अलावा, कंपनी 2026 के आखिर तक भारतीय बाजार में तीन और नई गाड़ियां पेश करने की योजना बना रही है, जिसमें हाल ही में पेश की गई टायरॉन R-Line भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भविष्य की सुरक्षा: ADAS तकनीक पर काम
नई कारों के लॉन्च के साथ फॉक्सवैगन अपनी कारों को सुरक्षित बनाने के लिए ADAS (एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम) फीचर पर भी काम कर रही है। हालांकि कंपनी ने इसे लागू करने की कोई सटीक समयसीमा साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि आगामी फेसलिफ्ट मॉडल्स में सुरक्षा के इस बड़े अपग्रेड को देखा जा सकता है। मैनुअल चाहने वाले ग्राहकों के लिए अब केवल 1.0-लीटर TSI इंजन का विकल्प ही बचा है।



















