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बिना कारण शरीर पर उभर रहे हैं नीले-बैंगनी धब्बे? जानिए इसके पीछे के मुख्य कारण

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Mon, 03 Aug 2026 07:49 AM IST

अक्सर हमारे शरीर या हाथों-पैरों पर बिना किसी चोट के नीले या बैंगनी निशान उभर आते हैं। इसे सामान्य समझकर अनदेखा करने के बजाय, इसके पीछे छिपे पोषण की कमी, बढ़ती उम्र या दवाओं के प्रभाव को समझना जरूरी है।

Vitamin Deficiency Symptoms

Vitamin Deficiency Symptoms : कई बार सुबह उठने पर या कपड़े बदलते समय अचानक हमारी नजर शरीर पर पड़े किसी नीले या बैंगनी निशान पर जाती है। हम सोचने लगते हैं कि न तो हम कहीं गिरे और न ही किसी चीज से टकराए, फिर ये चोट का निशान कहां से आ गया।

ज्यादातर लोग हाथों और पैरों पर दिखने वाले इन निशानों को बहुत सामान्य मानकर छोड़ देते हैं। मेडिकल भाषा में इसे ब्रूजिंग (Bruising) कहा जाता है। यह तब होता है जब त्वचा के नीचे की बहुत बारीक खून की नसें फट जाती हैं और खून आसपास की जगह पर फैल जाता है।

हल्की चोट लगने पर ऐसा होना बहुत आम है। लेकिन अगर बिना किसी वजह के बार-बार शरीर पर ऐसे धब्बे बन रहे हैं, तो यह शरीर के अंदर चल रही किसी परेशानी का संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि बिना चोट के त्वचा पर नीले निशान क्यों पड़ते हैं।

बढ़ती उम्र का प्रभाव

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारी त्वचा स्वाभाविक रूप से पतली होने लगती है। त्वचा को अंदर से सपोर्ट करने वाले ऊतक (टिशू) कमजोर पड़ने लगते हैं।

इस वजह से त्वचा के नीचे मौजूद खून की नसें काफी नाजुक हो जाती हैं। यही कारण है कि उम्रदराज लोगों में हल्का सा दबाव पड़ने या रोजमर्रा के सामान्य काम करने के दौरान भी हाथों-पैरों पर नीले निशान आसानी से उभर आते हैं।

विटामिन्स और पोषण की कमी

हमारे शरीर में खून को सही तरीके से जमने (क्लॉटिंग) और नसों को मजबूत रखने के लिए कुछ खास विटामिन्स की जरूरत होती है।

अगर आपके खानपान में विटामिन सी, विटामिन के (Vitamin K) या विटामिन बी12 की कमी है, तो रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे त्वचा के नीचे हल्का सा रक्तस्राव होने पर भी बड़े नीले धब्बे बन जाते हैं।

दवाइयों का साइड इफेक्ट

अगर आप नियमित रूप से कुछ खास तरह की दवाएं ले रहे हैं, तो भी यह समस्या हो सकती है। खून को पतला करने वाली दवाएं (ब्लड थिनर) इसके मुख्य कारणों में से एक हैं।

इसके अलावा, कुछ पेनकिलर्स और लंबे समय तक ली जाने वाली स्टेरॉयड दवाएं भी खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं। ऐसे में शरीर पर हल्का सा भी दबाव एक स्पष्ट नीले निशान में बदल जाता है।

अंदरूनी बीमारियां

कई बार बिना वजह नीले निशान पड़ना किसी अंदरूनी बीमारी का शुरुआती संकेत होता है। लीवर से जुड़ी समस्याएं सीधे तौर पर खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।

इसके साथ ही, कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां और ब्लीडिंग डिसऑर्डर भी शरीर पर बार-बार इस तरह के धब्बे बनने का कारण बनते हैं।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

हर नीले निशान के लिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन कुछ स्थितियों में मेडिकल सलाह लेना आवश्यक हो जाता है:

  • जब शरीर पर बिना किसी कारण के लगातार और बड़े नीले निशान दिखने लगें।
  • अगर नीले निशानों के साथ मसूड़ों, नाक या मल-मूत्र से भी खून आने की शिकायत हो।
  • चोट के निशान ठीक होने में बहुत लंबा समय ले रहे हों।
  • अगर आपने हाल ही में कोई नई दवा शुरू की है और उसके बाद से ये धब्बे दिखने लगे हैं।

बचाव और ध्यान रखने योग्य बातें

अगर आपको अक्सर यह समस्या होती है, तो अपने खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, खट्टे फल और डेयरी उत्पादों को शामिल करें ताकि विटामिन्स की कमी पूरी हो सके।

इसके अलावा, अगर आप ब्लड थिनर जैसी दवाएं ले रहे हैं, तो इनका सेवन हमेशा डॉक्टर की नियमित निगरानी में ही करें। समय-समय पर रूटीन ब्लड टेस्ट करवाने से किसी भी संभावित समस्या को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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