ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

देहरादून का ‘किडनी कांड’: 18 बीघा जमीन बेचने वाला Ayush Chaudhary निकला शातिर खिलाड़ी, खुल गई पोल!

बेगूसराय के आयुष चौधरी ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर अपनी किडनी का सौदा किया, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के खुलासे ने उसकी कहानी को संदिग्ध बना दिया है। नशे की लत और अय्याशी के कारण 18 बीघा पुश्तैनी जमीन गंवाने वाले आयुष को उसके परिवार ने सालों पहले बेदखल कर दिया था।

देहरादून का 'किडनी कांड': 18 बीघा जमीन बेचने वाला Ayush Chaudhary निकला शातिर खिलाड़ी, खुल गई पोल!

HIGHLIGHTS

  • आयुष ने देहरादून में एमबीए की फीस भरने के नाम पर 9 लाख रुपये में अपनी किडनी का सौदा किया था।
  • आरोपी पहले ही नशे और गलत आदतों के चलते अपनी 18 बीघा पैतृक जमीन बेचकर पैसे उड़ा चुका है।
  • आयुष की हरकतों से तंग आकर उसके पिता ने 2017 में आत्महत्या कर ली थी और पत्नी ने भी साथ छोड़ दिया था।

बेगूसराय, 07 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आर्थिक तंगी और कॉलेज की भारी-भरकम फीस चुकाने के बहाने अपनी किडनी का सौदा करने वाले Ayush Chaudhary की असलियत अब सामने आने लगी है। कानपुर में बेनकाब हुए इस सनसनीखेज किडनी रैकेट का शिकार होने का दावा करने वाले आयुष का अतीत सहानुभूति के बजाय संगीन अपराध और बदहाली की दास्तां बयां कर रहा है।

बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के औगान गांव का निवासी आयुष कभी मेधावी छात्र हुआ करता था, जिसने 2015 में प्रथम श्रेणी से इंटर पास किया। डॉक्टर बनने का सपना लिए वह विशाखापट्टनम गया, लेकिन वहां पढ़ाई के बजाय वह मटिहानी की एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग और गलत संगत में पड़ गया। नशे की लत और खराब आचरण के कारण 2017 में उसके पिता राजेश चौधरी ने हार मानकर आत्महत्या कर ली थी।

पिता की मौत के बाद आयुष ने सुधरने के बजाय पुश्तैनी जायदाद पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, उसने अय्याशी और महंगे शौक पूरे करने के लिए गांव की करीब 18 बीघा जमीन टुकड़ों में बेच दी। इस दौरान उसने सोशल मीडिया के जरिए एक एयर होस्टेस को अपने जाल में फंसाया और देवघर में शादी कर ली, लेकिन उसकी हरकतों से तंग आकर पत्नी ने तीन महीने के भीतर ही नाता तोड़ लिया।

साल 2021 में आयुष जब आखिरी बार गांव लौटा, तो उसके छोटे भाई ऋषभ ने उसे घर में घुसने तक नहीं दिया। तब से परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया है। फिलहाल उसकी मां रीता देवी भी घर पर नहीं हैं और मकान में ताला लटका हुआ है। देहरादून के एक मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए करने का दावा करने वाले आयुष ने पुलिस को बताया था कि 9 लाख में किडनी का सौदा हुआ था, जिसमें से उसे केवल 3.50 लाख रुपये मिले।

हालांकि, भगवानपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि उन्हें सोशल मीडिया से ही इस मामले की जानकारी मिली है। पुलिस के पास अब तक किसी अन्य राज्य की पुलिस ने कोई आधिकारिक संपर्क नहीं किया है और न ही आयुष के घर पर कोई जांच टीम पहुंची है। स्थानीय लोग इसे मजबूरी नहीं, बल्कि शातिराना तरीके से पैसे कमाने का एक और हथकंडा मान रहे हैं।

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment