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किसान सावधान! राजस्थान में फिर सक्रिय होगा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, जानें अगले 48 घंटे का हाल

राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम विभाग ने 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। जयपुर में धूल भरी आंधी के दौरान हुए हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

Published On: अप्रैल 4, 2026 9:23 अपराह्न
किसान सावधान! राजस्थान में फिर सक्रिय होगा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, जानें अगले 48 घंटे का हाल

HIGHLIGHTS

  • सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण राजस्थान के 5 संभागों और शेखावाटी में ऑरेंज अलर्ट।
  • जयपुर में बिजली का खंभा गिरने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत।
  • 7 अप्रैल से एक और नया मौसम तंत्र होगा सक्रिय, फिलहाल गर्मी से मिली राहत।

जयपुर, 04 अप्रैल 2026 (आरएनएस)। राजस्थान के ऊपर मंडरा रहे शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मरूधरा के मौसम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। शुक्रवार को शुरू हुआ तबाही का यह दौर शनिवार को भी जारी रहने वाला है, जिसमें जयपुर, अजमेर और कोटा जैसे बड़े संभाग शामिल हैं।

राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे आई भीषण धूल भरी आंधी ने एक परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। जवाहर नगर इलाके में तेज हवाओं के बीच एक बिजली का खंभा सड़क पर जा रहे बाइक सवार रामजीलाल माहवार के ऊपर गिर गया। 50 वर्षीय रामजीलाल की इस हादसे में मौके पर ही मौत हो गई, जिसने प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।

शुक्रवार को बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर जैसे रेतीले इलाकों में जमकर ओले गिरे, जिससे रेगिस्तान की जमीन सफेद चादर से ढकी नजर आई। तेज हवाओं और अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने स्पष्ट किया है कि उदयपुर, भरतपुर और शेखावाटी क्षेत्र में अगले 24 घंटों तक मौसम का मिजाज बेहद तल्ख रहने वाला है।

असामान्य रूप से सक्रिय इस मानसूनी तंत्र ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। आमतौर पर मार्च के बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की तीव्रता कम हो जाती है, लेकिन इस साल 13 मार्च के बाद से लगातार 6 तंत्र सक्रिय हो चुके हैं। राजस्थान के अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत मिली लेकिन यह ठंडक किसानों के लिए मुसीबत बन गई है।

चित्तौड़गढ़ और अलवर में जहां अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं बारिश वाले जिलों में पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की रबी फसलें ओलों की मार से बिछ गई हैं। प्रदेश की विभिन्न अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा हजारों क्विंटल अनाज भीगने से बर्बाद हो गया है, जिससे किसानों को करोड़ों के नुकसान का अनुमान है।

राहत की बात यह है कि 5 और 6 अप्रैल को आसमान कुछ हद तक साफ रह सकता है और मौसम में ठहराव आने की संभावना है। हालांकि, यह शांति केवल तूफान से पहले की खामोशी साबित हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 7 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो राजस्थान के कई हिस्सों में दोबारा आंधी और बारिश का सिलसिला शुरू कर देगा।

प्रशासन ने आम जनता को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। पिछले 24 घंटों में बाड़मेर, जोधपुर, नागौर और टोंक सहित करीब 15 जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।

Shailendra Pokhriyal

शैलेन्द्र पोखरियाल 'दून हॉराइज़न' में वरिष्ठ राष्ट्रीय संवाददाता के तौर पर देश की सियासत और प्रमुख राष्ट्रीय घटनाओं को कवर करते हैं। केंद्र सरकार की नीतियों, संसद के सत्रों और बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों पर उनकी गहरी पकड़ है। शैलेन्द्र का उद्देश्य राजनीतिक बयानों और सरकारी फैसलों के पीछे की असली सच्चाई को निष्पक्ष रूप से पाठकों के सामने रखना है। उनका लंबा पत्रकारीय अनुभव उन्हें जटिल राष्ट्रीय मुद्दों का आसान हिंदी में विश्लेषण करने में मदद करता है। वे पूरी तरह से शोध-आधारित (Fact-checked) और जनहित से जुड़ी बेबाक पत्रकारिता करने के लिए जाने जाते हैं।

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