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हार्ट फेलियर आने से पहले पैर देते हैं ये संकेत, समय रहते हो जाएं सतर्क

पैरों और टखनों में लगातार बनी रहने वाली सूजन केवल थकान या मोच का नतीजा नहीं होती, बल्कि यह दिल की कमजोर होती पंपिंग क्षमता का संकेत भी हो सकती है। सही समय पर इन लक्षणों को पहचानकर और जीवनशैली में बदलाव करके दिल की गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

Published On: August 10, 2026 10:27 AM
Heart Disease Symptoms

Heart Disease Symptoms : अक्सर दिनभर काम करने या लंबा सफर तय करने के बाद पैरों में हल्का भारीपन महसूस होना सामान्य बात है।

लेकिन अगर आपके जूते अचानक टाइट महसूस होने लगे हों या टखनों के पास लगातार सूजन बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई बार यह साधारण थकावट न होकर दिल से जुड़ा एक महत्वपूर्ण इशारा हो सकती है।

जब दिल का पंपिंग सिस्टम सुस्त पड़ने लगता है, तो शरीर में खून का बहाव प्रभावित होता है।

इससे नसों में फ्लूइड यानी तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जो गुरुत्वाकर्षण के कारण सबसे पहले पैरों और टखनों में सूजन के रूप में दिखाई देता है।

कमजोर दिल में पैरों पर दिखने वाले मुख्य लक्षण

अगर दिल सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, तो पैरों में केवल सूजन ही नहीं, बल्कि कुछ और बदलाव भी महसूस हो सकते हैं:

टखनों और पंजों में रुका हुआ भारीपन: सुबह उठते ही या दिन के अंत में टखनों पर गहरा गड्ढा या सूजन दिखना।

जूते का अचानक टाइट होना: साइज वही रहने के बाद भी जूते या चप्पल फिट न आना शरीर में फ्लूइड रिटेंशन की ओर इशारा करता है।

पैरों में दर्द के साथ सांस फूलना: थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर ही पैरों में भारीपन आना और साथ में सांस फूलना।

बिना वजह की सुस्ती: पैरों के दर्द के साथ हर समय बिना ज्यादा मेहनत के भी थकान महसूस होना।

ध्यान दें: पैरों में सूजन के पीछे किडनी की समस्या, थायराइड, जोड़ों का दर्द या नसों की कमजोरी भी वजह हो सकती है। इसलिए लक्षण लगातार बने रहने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

दिल की कार्यक्षमता प्रभावित होने के कारण

दिल की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने के पीछे आपकी रोजमर्रा की दिनचर्या और कुछ बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं:

  • अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज
  • कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर
  • मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी
  • अत्यधिक मानसिक तनाव और पूरी नींद न लेना
  • परिवार में पहले से किसी को दिल की बीमारी होना

लक्षण दिखने पर क्या करें?

यदि आपको पैरों में सूजन के साथ-साथ हाई BP या शुगर की शिकायत है, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टरी सलाह लें। डॉक्टर की सलाह पर जरूरी टेस्ट (जैसे इको या ईसीजी) करवाएं ताकि सही समय पर वजह स्पष्ट हो सके।

बचाव और देखभाल के व्यावहारिक उपाय

दिल की सेहत सुधारने और पैरों की सूजन कम करने के लिए दैनिक जीवन में ये छोटे बदलाव फायदेमंद साबित होते हैं:

खानपान में सुधार: भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और मेवे शामिल करें। नमक का सेवन सीमित रखें।

शारीरिक सक्रियता: रोजाना कम से कम 30 मिनट हल्की वॉक या योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

पैरों को आराम दें: बैठते या सोते समय पैरों के नीचे एक तकिया रखकर उन्हें थोड़ा ऊंचा उठाएं। इससे फ्लूइड का बहाव बेहतर होता है।

पानी की सिकाई: पैरों के भारीपन से राहत पाने के लिए हल्के गुनगुने पानी में पैर रखकर आराम कर सकते हैं।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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