Budget 2026 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार सुबह केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए देश के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए बड़े नीतिगत बदलावों की घोषणा की।
हालांकि बजट भाषण में सीधे तौर पर मोबाइल फोन की कीमतों का जिक्र नहीं था, लेकिन घरेलू उत्पादन को लेकर लिए गए निर्णय स्मार्टफोन सस्ते होने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। सरकार का पूरा ध्यान अब विदेशों से कंपोनेंट्स मंगवाने के बजाय उन्हें भारत में ही बनाने पर टिक गया है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से घटेगी लागत
सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को रफ्तार देने का फैसला किया है। फोन के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से यानी सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण अब बड़े स्तर पर भारत में ही शुरू होगा। इससे कंपनियों की आयात पर निर्भरता कम होगी और चिप्स की खरीद पर लगने वाला भारी विदेशी खर्च बचेगा। जब चिप्स और अन्य पुर्जे देश के भीतर ही बनेंगे, तो स्मार्टफोन्स की कुल मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट कम होना तय है।
सस्ती होंगी मोबाइल बैटरियां
स्मार्टफोन की कुल कीमत में बैटरी का एक बड़ा हिस्सा होता है और सरकार ने इसी मोर्चे पर राहत दी है। बजट में लिथियम-आयन सेल बनाने के लिए जरूरी कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी घटा दी गई है। इस कटौती के बाद भारत में बैटरी निर्माण की लागत नीचे आएगी। स्थानीय स्तर पर बैटरी उत्पादन बढ़ने से स्मार्टफोन कंपनियां ग्राहकों को कम कीमत पर हैंडसेट उपलब्ध करा पाएंगी।
आईटी और टेलिकॉम के लिए बड़ा फंड
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने आईटी और टेलिकॉम सेक्टर को 74,560 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह भारी-भरकम राशि देश में तकनीकी विकास और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद करेगी।
इसके साथ ही बॉन्डेड डोम में काम करने वाले निर्माताओं को उपकरण देने वाले नॉन-रेजिडेंट्स को टैक्स छूट दी गई है। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक स्मार्टफोन दिग्गजों को भारत में अपनी फैक्ट्रियां स्थापित करने और यहीं से उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करना है।



















