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Overnight Mobile Charging Risks : रात भर मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर सोने वाले सावधान! हो सकता है बड़ा हादसा

रात भर मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर सोना एक खतरनाक आदत है, जिससे फोन के ओवरहीट होने और आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है। गद्दे या तकिए के नीचे फोन रखने से हीट बाहर नहीं निकल पाती, जो बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके अलावा, यह आदत बैटरी की लाइफ और आपकी नींद की गुणवत्ता को भी खराब करती है।

Published on: January 27, 2026 1:53 PM
Overnight Mobile Charging Risks : रात भर मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर सोने वाले सावधान! हो सकता है बड़ा हादसा
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HIGHLIGHTS

  1. आग का खतरा: तकिए या कंबल के नीचे चार्जिंग से फोन ओवरहीट हो सकता है।
  2. बैटरी डैमेज: 100% चार्ज होने के बाद भी करंट सप्लाई से बैटरी फूलने का डर रहता है।
  3. सेहत पर असर: सिरहाने चार्जिंग से नींद टूटती है और सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
  4. सावधानी: हमेशा ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें और सोने से पहले प्लग हटा दें।

Overnight Mobile Charging Risks : अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो रात को सोते समय अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देते हैं, तो तुरंत सावधान हो जाइए।

यह मामूली सी दिखने वाली आदत आपकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। दुनिया भर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां रात भर चार्जिंग की वजह से फोन ज्यादा गर्म होने पर बड़े हादसे हुए हैं।

तकिए के नीचे ‘हीट ट्रैप’ का खतरा

चार्जिंग के दौरान हर मोबाइल फोन से थोड़ी गर्मी निकलती है। खतरा तब कई गुना बढ़ जाता है जब आप फोन को तकिए, गद्दे या कंबल के नीचे रखकर चार्ज करते हैं।

ऐसी स्थिति में फोन से निकलने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और अंदर ही फंस (Trap) जाती है। नींद में होने के कारण आपको पता भी नहीं चलता और फोन के ओवरहीट होने या बैटरी फटने की नौबत आ जाती है। यह आग लगने का एक बड़ा कारण बन सकता है।

बैटरी पर दबाव और लोकल चार्जर का जोखिम

रात भर फोन को प्लग में लगाकर रखने से बैटरी की सेहत खराब होती है। फोन 100 प्रतिशत चार्ज होने के बाद भी एनर्जी लेता रहता है, जिससे बैटरी पर लगातार दबाव बना रहता है। इससे बैटरी के फूलने, जल्दी खराब होने और अचानक फेल होने का खतरा पैदा होता है। भले ही आजकल के नए स्मार्टफोन्स में ‘ऑटो कट-ऑफ’ फीचर आता है, लेकिन खतरा पूरी तरह टलता नहीं है।

स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब आप सस्ते या लोकल चार्जर का इस्तेमाल करते हैं। इन चार्जर्स में जरूरी सेफ्टी कटऑफ नहीं होते। ऐसे में शॉर्ट सर्किट की संभावना बनी रहती है और अक्सर यही लोकल चार्जर रात में आग लगने की असली वजह बनते हैं।

नींद और सेहत पर बुरा असर

यह आदत सिर्फ फोन के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी खुद की सेहत के लिए भी नुकसानदेह है। चार्जिंग पर लगे फोन को पास रखकर सोने से नींद बार-बार बाधित होती है, जिससे दिमाग को पूरा आराम नहीं मिल पाता। लंबे समय तक ऐसा करने से सिरदर्द, थकान और नींद से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स की स्पष्ट सलाह है कि चार्जिंग के लिए फोन को किसी ठोस और खुली सतह पर रखें और सोने से पहले चार्ज पूरा होने पर प्लग जरूर निकाल दें।

Prateek Sharma

प्रतीक शर्मा एक तकनीक-प्रेमी लेखक हैं, जो मोबाइल और टेक्नोलॉजी जगत की गहरी समझ रखते हैं। इनोवेशन (नवाचार) के प्रति अपने जुनून के चलते, वह टेक्नोलॉजी के नवीनतम ट्रेंड्स, नए गैजेट लॉन्च और तकनीकी प्रगति पर विस्तृत व ज्ञानवर्धक लेख तैयार करते हैं। उनकी लेखन शैली की खासियत यह है कि वह जटिल तकनीकी विषयों को भी बेहद सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं। प्रतीक शर्मा पिछले चार वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं। 📧 Email: pratiksharma903@gmail.com

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