Diabetic Foot Care : ब्लड शुगर का स्तर लगातार बढ़ा रहे तो इसका असर सिर्फ शरीर के अंदरूनी अंगों तक सीमित नहीं रहता। समय के साथ यह पैरों की नसों को कमजोर करने लगता है और ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है।
इसका नतीजा यह होता है कि पैरों में चोट, खरोंच या छाले का अहसास जल्दी नहीं होता और घाव भरने में लंबा समय लगता है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण को बढ़ा सकती है।
अपनी दिनचर्या में बेहद आसान और छोटी-छोटी आदतों को शामिल करके पैरों से जुड़ी समस्याओं को समय रहते रोका जा सकता है।
पैरों को धोकर अच्छे से सुखाना है जरूरी
हर दिन पैरों को गुनगुने पानी और हल्के साबुन से साफ करें। पैर धोने के बाद उन्हें टॉवल से अच्छी तरह पोंछना न भूलें।
ध्यान रखें कि पैर की उंगलियों के बीच की जगह गीली न रहे, क्योंकि वहां बनी नमी फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकती है।
रोजाना करें पैरों की जांच
शाम को या सोने से पहले एक बार अपने पैरों के तलवों, एड़ियों और उंगलियों को ध्यान से देखें। अगर कहीं लालिमा, सूजन, छालों के निशान या त्वचा फटी हुई दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें।
शुरुआती स्थिति में ही समस्या की पहचान हो जाए तो इलाज आसान हो जाता है।
मॉइस्चराइजर लगाते समय रखें यह सावधानी
एड़ियों और तलवों की त्वचा को सूखने और फटने से बचाने के लिए उन पर हल्का लोशन या क्रीम लगाएं।
हालांकि, पैर की उंगलियों के बीच में क्रीम लगाने से बचें। उंगलियों के बीच अतिरिक्त नमी रहने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
नाखूनों की कटाई में न बरतें जल्दबाजी
नाखून काटते समय त्वचा के बहुत करीब जाने से बचें। नाखूनों को हमेशा सीधा काटें, कोनों से ज्यादा गहरा न छांटें। गहरा काटने पर नाखून त्वचा के अंदर बढ़ने लगते हैं जिससे दर्दनाक घाव बन सकता है।
अगर आंखों की रोशनी कमजोर है तो खुद नाखून काटने के बजाय घर के किसी सदस्य की मदद लें।
सही जूते और सूती मोजे चुनें
हमेशा ऐसे जूते पहनें जो आगे से चौड़े हों और जिनमें उंगलियों को हिलने की जगह मिले। बहुत तंग या सख्त जूते घर्षण पैदा करके छाले बना सकते हैं।
नंगे पैर चलने से बचें और रोजाना साफ, मुलायम कॉटन के मोजे पहनें।
दर्द या सुन्नपन को न करें नजरअंदाज
अगर पैरों में लगातार दर्द, झनझनाहट, सुन्नपन या त्वचा के रंग में बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इसी तरह कोई घाव अगर दो-तीन दिनों में ठीक होता न दिखे तो खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सुरक्षित कदम है।

















