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Investment : ट्रंप के फैसले से शेयर बाजार में तूफान, ऐसे बनाएं 10 करोड़

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले के बाद ग्लोबल मार्केट में आई तेजी से भारतीय शेयर बाजार में गैप-अप ओपनिंग के संकेत हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सीधे निवेश के बजाय म्यूचुअल फंड SIP और 15x15x15 के नियम से निवेशक करोड़ों का फंड बना सकते हैं। बाजार की अनिश्चितता के बीच स्टेप-अप SIP को लंबी अवधि के लिए सबसे सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प बताया गया है।

Published On: February 21, 2026 5:02 PM
Investment : ट्रंप के फैसले से शेयर बाजार में तूफान, ऐसे बनाएं 10 करोड़

HIGHLIGHTS

  1. ट्रंप टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट सुधरा, GIFT Nifty में 1% से ज्यादा का उछाल।
  2. म्यूचुअल फंड के 15x15x15 नियम और 20% सालाना स्टेप-अप से 15 साल में 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य संभव।
  3. नए निवेशकों के लिए डायरेक्ट स्टॉक के बजाय HDFC फ्लेक्सी कैप और निप्पॉन इंडिया जैसे मल्टीकैप फंड्स में निवेश की सलाह।
  4. बाजार की अस्थिरता से बचने के लिए एकमुश्त निवेश के साथ मंथली SIP मोड को विशेषज्ञों ने बताया सबसे कारगर।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के टैरिफ पर दिए गए हालिया फैसले ने पूरी दुनिया के बाजारों में जोश भर दिया है। इस बड़े बदलाव के बाद ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में जो सुधार दिखा है, उसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ने वाला है। हफ्ते की शुरुआत में निफ्टी के लिए गैप-अप ओपनिंग की पूरी उम्मीद है, क्योंकि GIFT Nifty पहले ही 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। ऐसे में जो नए इन्वेस्टर बाजार में उतरने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह एक बड़ा मौका हो सकता है।

डायरेक्ट स्टॉक या म्यूचुअल फंड: क्या है बेहतर?

जो लोग शेयर बाजार की बारीकियों को समझते हैं, वे तो अपने लिए स्टॉक चुन लेंगे, पर उन लोगों का क्या जिन्हें मार्केट की गहराई का अंदाजा नहीं? एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप रिस्क लेने को तैयार हैं लेकिन स्टॉक पिकिंग नहीं आती, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड आपके लिए बेस्ट है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, सीधे निवेश न करके भी आप इनडायरेक्ट तरीके से लंबी अवधि में मोटी रकम जोड़ सकते हैं।

मार्केट रेजिस्टेंस और एक्सपर्ट की राय

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने आगाह किया है कि ग्लोबल संकेत भले ही पॉजिटिव हों, लेकिन बाजार की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि निफ्टी अपने मुख्य रेजिस्टेंस लेवल को पार कर पाता है या नहीं। उन्होंने साफ कहा कि लगातार इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट और मोमेंटम इंडिकेटर्स ही तय करेंगे कि यह तेजी बरकरार रहेगी या नहीं। बाजार में इस वक्त काफी अनिश्चितता है, इसलिए फूंक-फूंक कर कदम रखना ही समझदारी होगी।

15x15x15 का जादुई नियम और SIP की ताकत

म्यूचुअल फंड आखिर बेहतर क्यों हैं? सेबी रजिस्टर्ड एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी का कहना है कि बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए SIP से बेहतर कुछ नहीं। वहीं ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के पंकज मथपाल ने बताया कि मंथली SIP में आपको सही समय का इंतजार नहीं करना पड़ता। उन्होंने 15x15x15 का नियम समझाया, जिसके तहत 15,000 रुपये की मंथली SIP पर 15 साल तक 15% सालाना रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटी सी शुरुआत आपको कहां पहुंचा सकती है?

15 साल में 10 करोड़ का फंड कैसे बनाएं?

ट्रांसेंड कैपिटल के डायरेक्टर कार्तिक झावेरी ने एक बड़ा टारगेट सेट करने का तरीका बताया है। अगर आप 15 साल में 10 करोड़ रुपये जमा करना चाहते हैं, तो आपको स्टेप-अप SIP का सहारा लेना होगा। आम तौर पर लोग 15% स्टेप-अप करते हैं, लेकिन 10 करोड़ के लिए आपको इसे 20% तक ले जाना होगा। कैलकुलेशन के हिसाब से, अगर आप 51,000 रुपये की शुरुआती SIP करते हैं और हर साल उसे 20% बढ़ाते हैं, तो 15 साल में 15% रिटर्न के साथ आप 10 करोड़ का आंकड़ा छू सकते हैं।

किन फंड्स पर लगाएं दांव?

पंकज मथपाल ने कुछ खास म्यूचुअल फंड्स के नाम भी सुझाए हैं जिन पर निवेशक नजर रख सकते हैं। इनमें HDFC फ्लेक्सी कैप फंड, निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप फंड, ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू फंड, कोटक मल्टीकैप फंड और इन्वेस्को इंडिया लार्ज एंड मिडकैप फंड शामिल हैं। याद रहे, बाजार में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात जरूर कर लें क्योंकि जोखिम तो हर निवेश में होता ही है ना?

Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

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