देहरादून : नए साल 2026 के जश्न के बीच उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और पर्यटकों की सहूलियत को लेकर सरकार ने रणनीति बदल दी है। 30 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में ‘स्पेशल ट्रैफिक मैनेजमेंट वीक’ लागू रहेगा।
देहरादून में अतिक्रमण पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’, जमीन पर कब्जा होते ही अफसर के फोन पर बजेगी घंटी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हुई हाईलेवल बैठक में साफ कर दिया है कि देवभूमि आने वाले मेहमानों का स्वागत गर्मजोशी से हो, लेकिन चेकिंग के नाम पर उन्हें कतई परेशान न किया जाए। साथ ही, हुड़दंग करने वालों पर पुलिस की लाठी भी उतनी ही सख्ती से चलेगी।
5 मिनट में एक्शन का अल्टीमेटम
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अब तक का सबसे सख्त टाइम-बाउंड टास्क दिया है। राज्य में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को महज 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचना होगा। यह ‘क्विक रिस्पॉन्स टाइम’ भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट, होटेल्स और रिसॉर्ट्स के लिए खास तौर पर निर्धारित किया गया है। होटलों में फायर सेफ्टी के मानकों की भी तत्काल जांच होगी, ताकि जश्न के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो।
देहरादून में टास्क फोर्स हटाएगी अतिक्रमण
राजधानी देहरादून में सड़कों पर लगते जाम और अतिक्रमण को लेकर सीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और एमडीडीए की अब एक संयुक्त ‘टास्क फोर्स’ बनाई जाएगी। यह टीम सड़कों से लगातार अतिक्रमण हटाएगी ताकि ट्रैफिक रेंगता न रहे। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जहां भी सड़कों पर कब्जे की समस्या है, वहां बिना किसी सियासी या रसूख के दबाव के तत्काल कार्रवाई की जाए।
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रात में गश्त, अफसरों को एसी छोड़ने की सलाह
पुलिस के आला अधिकारियों को अब दफ्तरों से बाहर निकलकर ग्राउंड जीरो पर उतरना होगा। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि उच्चाधिकारी खुद समय-समय पर फील्ड का निरीक्षण करें। थानों को नियमित रात्रिकालीन गश्त (Night Patrolling) बढ़ाने को कहा गया है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों (Drunk and Drive) और वाहनों की ओवरस्पीडिंग पर पैनी नजर रहेगी। शराब के ठेकों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी ताकि वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा न लगे और माहौल खराब न हो।
शीतकालीन यात्रा और स्थानीय सहयोग
कड़ाके की ठंड को देखते हुए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। शीतकालीन यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं के लिए जानकारी केंद्र सक्रिय मोड में रहेंगे। इसके अलावा, प्रदेश में स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्ति अभियान में आम जनता, सामाजिक और धार्मिक संगठनों को जोड़ने की रणनीति बनाई गई है। बैठक में डीजीपी दीपम सेठ और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन समेत सभी जिलों के डीएम-एसएसपी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
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