Punjab : शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर 328 पावन सरूपों के लापता होने के मामले में ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया है।
पार्टी की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को घेरते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दे की आड़ में राजनीतिक बदला लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जो विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, उसका असली काम न्याय दिलाना नहीं, बल्कि सुखबीर सिंह बादल को झूठे केस में फंसाना है।
SIT के गठन और मंशा पर सवाल
हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। अकाली दल का कहना है कि पार्टी की जमीनी स्तर पर बढ़ती वापसी से घबराकर सरकार ने यह कदम उठाया है। बादल ने साफ शब्दों में कहा कि इस SIT का गठन अकाली नेतृत्व को डराने और बदनाम करने के लिए किया गया है, जिसे पंजाब के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
अधिकारियों के चयन पर गंभीर आरोप
अकाली दल ने SIT में शामिल पुलिस अधिकारियों के नामों को लेकर एक सूची जारी की है और उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं:
- सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर: अकाली दल ने SIT के सुपरवाइजरी अधिकारी और अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर पर सबसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि जब सुखबीर बादल पर श्री दरबार साहिब परिसर में जानलेवा हमला हुआ, तो भुल्लर ने 6 घंटे तक FIR दर्ज नहीं की। यही नहीं, उन्होंने इसे सहानुभूति बटोरने का ‘स्टंट’ बताने की कोशिश की थी।
- एसपी हरपाल सिंह: SIT सदस्य एसपी हरपाल सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सुखबीर बादल पर हमला करने वाले शख्स को उस जगह की रेकी (निगरानी) करने में मदद की, जहां वे सेवा कर रहे थे।
- एसपी गुरबंस सिंह बैंस: अकाली दल ने इन्हें “दागी अधिकारी” बताते हुए कहा कि वे भ्रष्टाचार के मामले में सजा काट चुके हैं और इन्ही के जरिए पहले बिक्रम सिंह मजीठिया पर झूठा केस बनवाया गया था।
‘अपने चहेतों’ को दी कमान
पार्टी ने सरकार पर अपने करीबी अधिकारियों और रिश्तेदारों को जांच में शामिल करने का आरोप लगाया है। SAD का दावा है कि डीएसपी बींत जूनजा, पटियाला के एक AAP नेता के भाई हैं, जिन्हें हाल ही में प्रमोशन देकर लुधियाना भेजा गया है।
इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस की पत्नी ज्योति यादव को एसएसपी बठिंडा लगाने और पूर्व एसएसपी तरनतारन डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल को विजिलेंस में तैनात करने को भी अकाली दल ने सरकार के ‘एजेंडे’ का हिस्सा बताया है। अकाली दल ने स्पष्ट किया है कि सुखबीर सिंह बादल इन दबावों के आगे नहीं झुकेंगे और जनता के बीच सच्चाई रखेंगे।



















