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राहुल गांधी ने देहरादून की छात्रा रिया की मौत पर जताया गहरा दुख

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून की छात्रा रिया और सीकर के छात्र उमेश की आत्महत्या पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के मानसिक दबाव का मुद्दा उठाया है। उत्तराखंड कांग्रेस ने इस हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार से देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

राहुल गांधी ने देहरादून की छात्रा रिया की मौत पर जताया गहरा दुख

HIGHLIGHTS

  • नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून और सीकर के छात्रों की असमय मौत पर राष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई।
  • उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रतियोगी परीक्षाओं की मौजूदा अव्यवस्थित प्रणाली को युवाओं के मानसिक तनाव का मुख्य कारण माना।
  • अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार सचिव वैभव वालिया ने छात्रों के लिए बेहतर काउंसिलिंग और पारदर्शी परीक्षा नीति की मांग की।
  • नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा का दबाव और करियर की असुरक्षा उत्तराखंड समेत देश के युवाओं में बढ़ते डिप्रेशन की सबसे बड़ी वजह है।

देहरादून, 17 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून की छात्रा रिया और सीकर के छात्र उमेश की दुखद मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए देश के युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा राष्ट्रीय मंच पर उठाया है। इस संवेदनशील हस्तक्षेप के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की अव्यवस्थित व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और छात्रों को मानसिक सुरक्षा देने की मांग तेज कर दी है।

परीक्षा व्यवस्था और युवाओं का मानसिक तनाव

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया ने इस संबंध में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि रिया की आत्महत्या केवल एक परिवार की निजी त्रासदी नहीं है, बल्कि यह उस गंभीर मानसिक दबाव का प्रतीक है जिससे आज देश के लाखों छात्र हर दिन गुजर रहे हैं। मौजूदा परीक्षा प्रणालियाँ युवाओं को अवसर देने के बजाय उनके भीतर हताशा और निराशा पैदा कर रही हैं।

उत्तराखंड कांग्रेस का रुख साफ है कि रिया जैसी होनहार बेटियों की असमय मृत्यु पूरे समाज और शासन तंत्र के लिए आत्मचिंतन का विषय है। राहुल गांधी ने जिस मानवीय दृष्टिकोण के साथ इस दर्द को देश के सामने रखा है, उसने यह साबित कर दिया है कि युवाओं का भविष्य और उनका मानसिक स्वास्थ्य किसी भी राजनीतिक विमर्श से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

अक्सर देखा जाता है कि कोचिंग सेंटरों और प्रतियोगी परीक्षाओं वाले शहरों में छात्रों की काउंसिलिंग के लिए कोई मजबूत सरकारी ढांचा मौजूद नहीं है। देहरादून और उसके आसपास के शैक्षणिक केंद्रों में बढ़ रहा कॉम्पिटिशन का दबाव युवाओं को अकेला कर रहा है। मनोचिकित्सकों के मुताबिक, पेपर लीक की घटनाएं, परीक्षाओं में देरी और नतीजों की अनिश्चितता छात्रों के मानसिक संतुलन को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं।

कांग्रेस ने मांग की है कि केंद्र सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए परीक्षा प्रणालियों में पूरी पारदर्शिता लाए। इसके साथ ही देश के सभी प्रमुख शैक्षणिक और कोचिंग हब्स में अनिवार्य रूप से मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन और प्रोफेशनल काउंसिलिंग सेंटर स्थापित किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी अपूरणीय क्षति न उठानी पड़े।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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