Somwar Vrat Diet Plan : सावन के सोमवार पर उपवास रखने का उत्साह तो पूरा होता है, लेकिन अक्सर लोग खानपान में संतुलन नहीं बना पाते।
कई लोग दिनभर पूरी तरह भूखे रह जाते हैं, तो कुछ लोग फलाहार के नाम पर तली-भुनी चीजें खा लेते हैं। दोनों ही स्थितियों में शरीर का एनर्जी लेवल गिरता है, जिससे सिरदर्द, गैस और थकान होने लगती है।
व्रत के साथ-साथ घर और दफ्तर की जिम्मेदारियां भी संभालनी होती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने खानपान को एक तय रूटीन में रखें, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे और पूजा-पाठ में भी मन लगा रहे।
खाली पेट चाय से बचें, ऐसे करें दिन की शुरुआत
व्रत के दिन सुबह खाली पेट सीधी तेज चाय पीने की गलती कई लोग करते हैं। इससे पेट में एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या तेजी से बढ़ती है।
दिन की शुरुआत हमेशा एक गिलास गुनगुने दूध के साथ करें। इसके साथ रात के भीगे हुए 5–6 बादाम और 1–2 अखरोट खाएं।
साथ में एक सेब, पपीता या केला ले सकते हैं। इससे शरीर को तुरंत एनर्जी मिलेगी और ब्लड शुगर भी अचानक कम नहीं होगा।
मिड-मॉर्निंग: हाइड्रेशन और फाइबर पर दें ध्यान
सुबह 11 से 12 बजे के आसपास जब हल्की भूख लगने लगे, तब एक गिलास नारियल पानी पिएं या कोई मौसमी फल खाएं।
नारियल पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बनाए रखता है, जिससे डिहाइड्रेशन और सुस्ती नहीं आती। फल से मिलने वाला फाइबर पेट को भरा रखता है।
दोपहर का लंच: हल्का और सुपाच्य भोजन
लंच हमेशा ऐसा होना चाहिए जो पचने में आसान हो और पेट पर भारी न पड़े। भारी भोजन करने से दोपहर में काम के वक्त तेज नींद और भारीपन महसूस होता है।
- एक छोटी कटोरी समा के चावल की खिचड़ी
- एक कटोरी ताजा दही
- साथ में खीरे की स्लाइस या ककड़ी
- दही पेट को ठंडक देता है और पाचन दुरुस्त रखता है, जबकि समा के चावल से जरूरी कार्बोहाइड्रेट मिल जाता है।
शाम का नाश्ता: तली चीजों की जगह लें हेल्दी स्नैक्स
शाम के समय चाय के साथ चिप्स या पकौड़े खाने से बचें। तला-भुना खाने से कैलोरी बढ़ती है और पेट में भारीपन आता है।
शाम को भूख लगने पर मुट्ठीभर भुने हुए मखाने, थोड़ी सी भुनी मूंगफली और साथ में एक गिलास ताजी छाछ या नींबू पानी लें। यह कॉम्बिनेशन हल्का भी है और आपको डिनर तक एकदम फ्रेश रखेगा।
डिनर: प्रोटीन और फाइबर का रखें तालमेल
रात का खाना सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खा लेना बेहतर रहता है। डिनर में प्रोटीन और फाइबर दोनों का संतुलन रखें ताकि रातभर कमजोरी न लगे।
- कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की 1–2 पतली रोटी
- लौकी, कद्दू या तोरी की सात्विक सब्जी
- 50 ग्राम भुना या कच्चा पनीर
- एक कटोरी दही
पनीर और सिंघाड़े का आटा शरीर में प्रोटीन की जरूरत पूरी करते हैं, जिससे मांसपेशियों की थकान मिटती है।
सही अंतराल पर सही फलाहार चुनकर आप बिना किसी कमजोरी के अपना उपवास पूरा कर सकते हैं।










