उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने खटीमा दौरे पर अवैध कब्जेदारों को खुली चुनौती दी है। जामा मस्जिद में प्रशासक कामिल खान से मुलाकात के बाद उन्होंने साफ कहा कि वक्फ की जमीनों को लूटने वालों की अब खैर नहीं है।
शम्स के मुताबिक, वक्फ संपत्तियों में यतीमों और विधवाओं का हक होता है और इसे खुर्द-बुर्द करने वालों पर धामी सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
शम्स ने केंद्र सरकार के वक्फ अमेंडमेंट एक्ट को माफियाओं पर नकेल कसने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ‘उम्मीद एक्ट’ और पोर्टल के जरिए संपत्तियों का संरक्षण कर रही है।
शम्स ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड पहले लूट के अड्डे बन चुके थे, जहां कई पदाधिकारी और कर्मचारी चोरी में शामिल थे। अब उम्मीद पोर्टल पर सभी संपत्तियों का ब्यौरा दर्ज करना अनिवार्य होगा।
दस्तावेज छिपाने वालों को भी अध्यक्ष ने सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग जानबूझकर संपत्ति के कागजात अपलोड नहीं कराएंगे, उन्हें वक्फ माफिया माना जाएगा। शम्स ने जोर देकर कहा कि अल्लाह की संपत्ति का हिसाब साफ-सुथरा होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध कब्जा करने वालों की ‘हवा निकालने’ में सरकार जरा भी देर नहीं लगाएगी।















