देहरादून, 06 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Voter List : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की। महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में चुनाव आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में भारी संख्या में फॉर्म-7 दाखिल होने का मुद्दा उठाया गया है।
ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का डेटा चुनाव अधिकारी के सामने रखा। एक ही दिन में या कुछ अंतराल पर एक साथ कई फॉर्म-7 पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं।
ग्राउंड स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया। जिन मतदाताओं के नाम हटाने की अर्जी दी गई थी, वे सभी अपने घरों में मौजूद मिले। उनका स्थायी पता और निवास स्थान वही पाया गया जिसे हटाने का आवेदन ऑनलाइन किया गया था।
वास्तविक मतदाताओं को टारगेट करने की आशंका गहरी हो गई है। कांग्रेस ने इसे मतदाता सूची से असली वोटरों को बाहर करने का सुनियोजित प्रयास करार दिया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि अज्ञात शिकायतकर्ताओं की याचिकाओं पर बिना पहचान के कोई संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए।
अप्रमाणित और भ्रामक फॉर्म-7 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की सख्त मांग चुनाव आयोग के सामने रखी गई है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जा सकता। निर्वाचन आयोग से शिकायतों की सत्यता गहराई से जांचने का आग्रह किया गया है।
फर्जी शिकायतों पर कानूनी डंडा चलाने की तैयारी की वकालत की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 का विशेष हवाला दिया। भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) के कड़े प्रावधानों के तहत झूठी जानकारी देने वालों पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की मांग उठी है।
आगामी विधानसभा चुनावों की प्रशासनिक तैयारियां तेज हैं। पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निर्वाचन आयोग से तुरंत कड़ा एक्शन लेने को कहा गया है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव अधिकारी के सामने साफ किया कि यह कदम किसी राजनीतिक दल के फायदे के लिए नहीं उठाया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे। सूर्यकांत धस्माना, अमरेंद्र बिष्ट और कंट्रोल रूम प्रभारी अधिवक्ता राकेश नेगी ने ज्ञापन सौंपते हुए अपने तर्क रखे। डिंपल सिंह, महेंद्र सिंह राणा, शिवा जोशी और विनोद कुमार की मौजूदगी में चुनाव आयोग की टीम के साथ यह बैठक संपन्न हुई।













