ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Uttarakhand Voter List : कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन, फर्जी फॉर्म-7 से मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 06 Aug 2026 05:59 PM IST

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर ऑनलाइन फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की शिकायतों पर ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने फर्जी आवेदन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

Uttarakhand Voter List : कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन, फर्जी फॉर्म-7 से मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप

मुख्य बातें

  • कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा विस्तृत ज्ञापन
  • फॉर्म-7 के जरिए असली मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
  • बिना पहचान पुष्ट किए शिकायत स्वीकार न करने की मांग
  • झूठी जानकारी देने वालों पर BNS 2023 के तहत कार्रवाई की अपील

देहरादून, 06 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Voter List : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की। महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में चुनाव आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में भारी संख्या में फॉर्म-7 दाखिल होने का मुद्दा उठाया गया है।

ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का डेटा चुनाव अधिकारी के सामने रखा। एक ही दिन में या कुछ अंतराल पर एक साथ कई फॉर्म-7 पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं।

ग्राउंड स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया। जिन मतदाताओं के नाम हटाने की अर्जी दी गई थी, वे सभी अपने घरों में मौजूद मिले। उनका स्थायी पता और निवास स्थान वही पाया गया जिसे हटाने का आवेदन ऑनलाइन किया गया था।

वास्तविक मतदाताओं को टारगेट करने की आशंका गहरी हो गई है। कांग्रेस ने इसे मतदाता सूची से असली वोटरों को बाहर करने का सुनियोजित प्रयास करार दिया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि अज्ञात शिकायतकर्ताओं की याचिकाओं पर बिना पहचान के कोई संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए।

अप्रमाणित और भ्रामक फॉर्म-7 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की सख्त मांग चुनाव आयोग के सामने रखी गई है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जा सकता। निर्वाचन आयोग से शिकायतों की सत्यता गहराई से जांचने का आग्रह किया गया है।

फर्जी शिकायतों पर कानूनी डंडा चलाने की तैयारी की वकालत की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 का विशेष हवाला दिया। भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) के कड़े प्रावधानों के तहत झूठी जानकारी देने वालों पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की मांग उठी है।

आगामी विधानसभा चुनावों की प्रशासनिक तैयारियां तेज हैं। पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निर्वाचन आयोग से तुरंत कड़ा एक्शन लेने को कहा गया है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव अधिकारी के सामने साफ किया कि यह कदम किसी राजनीतिक दल के फायदे के लिए नहीं उठाया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे। सूर्यकांत धस्माना, अमरेंद्र बिष्ट और कंट्रोल रूम प्रभारी अधिवक्ता राकेश नेगी ने ज्ञापन सौंपते हुए अपने तर्क रखे। डिंपल सिंह, महेंद्र सिंह राणा, शिवा जोशी और विनोद कुमार की मौजूदगी में चुनाव आयोग की टीम के साथ यह बैठक संपन्न हुई।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment