ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Yoga For Health : रोज सुबह सिर्फ 5 मिनट करें भद्रासन, शरीर और दिमाग को मिलेंगे ये गजब के फायदे

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Wed, 19 Aug 2026 11:15 AM IST

भद्रासन एक बेहद सरल लेकिन असरदार योगासन है, जो रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और घुटनों को मजबूती देता है। यह पाचन सुधारने और तनाव कम करने के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है।

Yoga For Health

Yoga For Health : आजकल की व्यस्त दिनचर्या और घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने की आदत का सबसे ज्यादा असर हमारी रीढ़ की हड्डी, कमर और घुटनों पर पड़ता है। ऐसे में शरीर को लचीला और मजबूत बनाए रखने के लिए भद्रासन का नियमित अभ्यास एक बेहतरीन विकल्प है।

संस्कृत में ‘भद्र’ का मतलब होता है कल्याणकारी या शुभ। यह आसन शरीर को स्थिरता देने के साथ-साथ मानसिक शांति बढ़ाने में भी काफी मदद करता है।

शरीर के निचले हिस्से को मिलती है मजबूती

भद्रासन के दौरान जब आप जमीन पर सीधे बैठते हैं, तो रीढ़ की हड्डी अपने आप प्राकृतिक रूप से सीधी हो जाती है।

जांघों, घुटनों और टखनों की मांसपेशियों में अच्छा खिंचाव आता है। पेल्विक एरिया यानी कूल्हों के आसपास का हिस्सा मजबूत बनता है।

शरीर का पोस्चर सुधरता है और लंबे समय तक बैठने से होने वाला दर्द कम होता है।

महिलाओं की सेहत के लिए विशेष रूप से फायदेमंद

महिलाओं के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास काफी उपयोगी माना गया है।

यह पीरियड्स के दौरान होने वाले पेट के दर्द और ऐंठन (क्रैम्प्स) में राहत दिलाता है। पेल्विक और जांघों की मांसपेशियों को लचीला बनाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए भी डॉक्टर की सलाह पर इसका हल्का अभ्यास प्रसव के समय मददगार साबित हो सकता है।

पाचन और मानसिक एकाग्रता में सुधार

आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, भद्रासन पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करता है। इससे पेट में भारीपन और कब्ज की शिकायत कम होती है।

इसके अलावा, इस मुद्रा में ध्यान लगाने से सिरदर्द, अनिद्रा (नींद न आना) और मानसिक तनाव से राहत मिलती है, जिससे फोकस बेहतर होता है।

भद्रासन करने का सही तरीका

  • फर्श पर चटाई बिछाकर दोनों पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाएं।
  • अब दोनों घुटनों को मोड़ते हुए तलवों को आपस में सटाएं और एड़ियों को शरीर के करीब लाएं।
  • दोनों हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ें और रीढ़ को बिल्कुल सीधा रखें।
  • सामान्य रूप से सांस लेते रहें और 1 से 3 मिनट तक इसी मुद्रा में रहें।

अभ्यास के दौरान बरतें ये सावधानियां

  • शुरुआत में शरीर पर ज्यादा दबाव न डालें, जितना संभव हो उतना ही खिंचाव दें।
  • अगर घुटनों, टखनों या कूल्हों में कोई गंभीर चोट या तेज दर्द है, तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसे न करें।
  • शुरुआत में समय कम रखें और धीरे-धीरे अभ्यास की अवधि बढ़ाएं।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

Leave a Comment