उत्तराखंड अपने 25वें साल में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में आयोजित तीन दिवसीय ‘देवभूमि रजत उत्सव’ के समापन समारोह में शिरकत की। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उत्तराखंड के निर्माण में मातृशक्ति का संघर्ष कभी नहीं भुलाया जा सकता और आज भी पहाड़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था उन्हीं के कंधों पर मजबूत हो रही है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘उत्तराखंड के गांधी’ स्व. इंद्रमणि बडोनी को उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने कहा कि आज हम शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को अंतिम गांव तक पहुंचा रहे हैं। शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुखवा-हर्शील से शीतकालीन पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है, ताकि पहाड़ में साल भर रोजगार बना रहे। ‘एक जिला एक फेस्टिवल’ योजना भी इसी कड़ी का हिस्सा है।
सीएम धामी ने निवेश और रोजगार के आंकड़े जनता के सामने रखे। उन्होंने बताया कि इन्वेस्टर समिट के जरिए 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश अब धरातल पर उतर चुका है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और लखपति दीदी जैसी योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
अकेले उत्तरकाशी जिले में 12 हजार से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन प्रयासों का ही नतीजा है कि पलायन आयोग की रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सरकार ने पिछले कुछ समय में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड का पहला स्थान हासिल करना इस प्रगति का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुकाबले उत्तराखंड कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
उत्तरकाशी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सीएम ने बड़ी घोषणाएं की। जिले में 23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बन रहा है, जबकि पुरोला में 46 करोड़ से उपजिला अस्पताल का निर्माण जारी है।
यमुनोत्री और गंगोत्री के बीच की दूरी कम करने वाली बहुप्रतीक्षित सिल्क्यारा टनल का निर्माण अब अंतिम चरण में है। आपदा प्रबंधन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाली झीलों पर निगरानी सिस्टम लगाए जा रहे हैं ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था और जनसांख्यिकीय बदलाव पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC), धर्मांतरण कानून और लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई से सरकारी जमीनों को मुक्त कराया गया है। देवभूमि की संस्कृति से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने भी शीतकालीन यात्रा को राज्य की आर्थिकी के लिए संजीवनी बताया।
कार्यक्रम के अंत में लोक गायिका संगीता ढौंडियाल और पांडवाज बैंड की प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। मुख्यमंत्री ने निबंध, चित्रकला और अन्य प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। इस मौके पर डिजिटल प्रदर्शनी के जरिए राज्य के 25 वर्षों के सफर को दिखाया गया, जिसने लोगों का खूब ध्यान खींचा।



















