Piles Causes And Prevention : भागती-दौड़ती जिंदगी ने लोगों के रहन-सहन के साथ खाने-पीने की आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। इन बदलावों के कारण शरीर कई गंभीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है, जिसमें पाइल्स (बवासीर) एक प्रमुख समस्या है।
इस बीमारी में गुदा (एनस) के अंदर और बाहर सूजन आने से मस्से बन जाते हैं, जिससे मलत्याग के समय असहनीय दर्द और खून आने लगता है।
आयुर्वेद के मुताबिक, बवासीर के मरीजों को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अनजाने में खाई गई कुछ चीजें आपकी तकलीफ को कई गुना बढ़ा सकती हैं। यहां जानिए उन चीजों के बारे में जिनसे पाइल्स रोगियों को दूरी बना लेनी चाहिए।
तीखे और मसालेदार भोजन से करें परहेज
ज्यादा मसालेदार खाना किसी भी व्यक्ति की सेहत के लिए अच्छा नहीं होता, लेकिन पाइल्स के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक है।
अगर आप बवासीर से जूझ रहे हैं, तो स्पाइसी फूड से तुरंत दूरी बना लें। प्याज, अदरक, मिर्च, गरम मसाला और तीखी सॉस जैसी चीजें मलाशय में सूजन पैदा करती हैं।
अचार और चटनी का सेवन गुदा में खुजली, जलन और ब्लीडिंग की समस्या को और गंभीर बना देता है।
फ्राइड और जंक फूड बढ़ाता है कब्ज
तला-भुना खाना बवासीर के दर्द को ट्रिगर करता है। डीप फ्राइड फूड, प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड में फाइबर और पोषक तत्वों की भारी कमी होती है। इनमें मौजूद अनहेल्दी फैट्स और नमक की अधिक मात्रा पाचन तंत्र को खराब कर देती है।
चूंकि क्रोनिक कब्ज ही बवासीर का मुख्य कारण है, इसलिए ऐसे भोजन को पचाना मुश्किल होता है और यह समस्या को बढ़ा देता है।
चाय और कॉफी की लत है नुकसानदायक
अक्सर लोग दिनभर में कई बार चाय या कॉफी पीते हैं, लेकिन पाइल्स के रोगियों को इस आदत पर लगाम लगानी चाहिए। कैफीन का अधिक सेवन शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) कर सकता है।
यह मल को सख्त बनाता है, जिससे मलत्याग के दौरान दबाव पड़ता है और मस्सों में दर्द बढ़ जाता है।
चीनी और मीठी चीजों से बनाएं दूरी
जरूरत से ज्यादा चीनी का सेवन भी बवासीर की समस्या को बढ़ा सकता है। हाई शुगर और प्रोसेस्ड मीठी चीजें पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं, जिससे कब्ज की शिकायत होती है।
चीनी का अधिक सेवन आंतों में सूजन और डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। इससे बवासीर की स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ सकती है।















