Healthcare and AI Budget 2026 : वित्त वर्ष 2026 के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत बदलने के लिए खजाना खोल दिया है। हेल्थकेयर सेक्टर को पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित की गई है।
इस निवेश का सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य और सस्ती इलाज सुविधाओं पर पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य अब आधुनिक तकनीक के जरिए आम आदमी तक बेहतर चिकित्सा पहुंचाना है।
IndiaAI मिशन: इस्तेमाल से निर्माण की ओर भारत
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की चर्चाओं के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि एआई अब केवल एक तकनीक नहीं बल्कि रणनीतिक मुद्दा है। IndiaAI मिशन के जरिए भारत खुद को एआई बनाने वाले देश के रूप में स्थापित कर रहा है। इसके लिए कंप्यूटिंग संसाधनों और राष्ट्रीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट पर भारी निवेश की उम्मीद है। यह मिशन भारत को वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी भूमिका दिलाएगा।
डिजिटल टैक्स प्रणाली में एआई का बढ़ता दखल
भारत का टैक्स ढांचा पिछले एक दशक में काफी डिजिटल हुआ है। जीएसटीएन और फेसलेस असेसमेंट के बाद अब एआई पूरे वर्कफ्लो को संभाल रहा है। यह तकनीक अब जटिल टैक्स मामलों को सुलझाने और जोखिमों की पहचान करने में मदद कर रही है। इससे टैक्स विभाग और करदाताओं के बीच होने वाली कागजी कार्रवाई कम होगी और काम में पारदर्शिता आएगी।
तकनीक के साथ इंसानी निगरानी जरूरी
एआई की रफ्तार को देखते हुए सरकार गवर्नेंस और सुरक्षा के तालमेल पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए है। इसलिए ‘ह्यूमन इन द लूप’ सिस्टम को अनिवार्य माना गया है। इससे डेटा की विश्वसनीयता बनी रहेगी और कानूनी जटिलताओं में किसी भी तरह की मानवीय चूक की संभावना कम होगी।



















