8th Pay Commission : वित्त मंत्री ने बजट 2026 के पिटारे से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग पर कोई सीधी घोषणा नहीं की है। बजट दस्तावेजों में सामने आए खर्च के आंकड़ों ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में नए वेतन आयोग का लाभ मिलना मुश्किल है क्योंकि सरकार ने इसके लिए विशेष बजट का प्रावधान नहीं किया है।
बजट आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्थापना व्यय (Establishment Expenditure) का लक्ष्य 8,24,114 करोड़ रुपये रखा है। यह पिछले साल के 7,82,701 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 5.3% ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी मामूली बढ़ोतरी केवल महंगाई भत्ते (DA) और नई नियुक्तियों के खर्च को ही कवर कर पाएगी। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए जिस बड़े फंड की जरूरत होती है, वह इस बजट में नजर नहीं आ रहा।
जुलाई 2027 तक का इंतजार
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया की समयसीमा भी देरी का बड़ा कारण बनती दिख रही है। 15 जनवरी 2025 को गठन की घोषणा के बाद 28 अक्टूबर 2025 को इसका गजट नोटिफिकेशन जारी हुआ था। नियम के मुताबिक आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का वक्त दिया गया है।
अक्टूबर 2025 से गणना करें तो आयोग अपनी रिपोर्ट जुलाई 2027 तक पेश कर सकता है। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय लगेगा। साफ है कि कर्मचारियों के मोबाइल पर बढ़ी हुई सैलरी का मैसेज आने में अभी कम से कम डेढ़ से दो साल का समय और लग सकता है।



















