DA Hike Update : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 2026 की शुरुआत वेतन में इजाफे के साथ होने वाली है। लेबर ब्यूरो द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने यह तस्वीर लगभग साफ कर दी है कि जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
LIC Revival Campaign 2026 : बंद हो गई है LIC पॉलिसी? 2 मार्च तक है दोबारा शुरू करने का गोल्डन चांस
इस इजाफे के बाद मौजूदा 58 फीसदी डीए बढ़कर 60 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगा, जिसका सीधा असर मासिक सैलरी पर दिखेगा।
नवंबर के आंकड़ों ने साफ की तस्वीर
इस बढ़ोतरी का आधार कोई अटकलें नहीं, बल्कि सरकारी डेटा है। डीए की गणना के लिए जिम्मेदार ‘ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ (AICPI-IW) के नवंबर 2025 के आंकड़े आ चुके हैं।
इंडेक्स 0.5 अंक चढ़कर 148.2 पर पहुंच गया है। 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के मुताबिक, डीए तय करने के लिए पिछले 12 महीनों के औसत को देखा जाता है। जुलाई से नवंबर 2025 तक इंडेक्स में लगातार तेजी दर्ज की गई है, जिससे औसत स्कोर 59.93 फीसदी पर आ गया है। यह आंकड़ा 60 फीसदी के बेहद करीब है।
गणितीय रूप से तय है 2% का इजाफा
अब केवल दिसंबर 2025 का नंबर आना बाकी है, लेकिन जानकारों के मुताबिक इससे अंतिम नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गणित बिल्कुल सीधा है। अगर दिसंबर में इंडेक्स स्थिर रहता है, तो डीए का औसत 60.34 फीसदी बनेगा। यहां तक कि अगर इंडेक्स में थोड़ी गिरावट भी आती है, तब भी औसत 60 फीसदी से नीचे नहीं जाएगा।
सरकार दशमलव के बाद के अंकों को नहीं मानती है, इसलिए 60.01 से लेकर 60.99 तक का कोई भी आंकड़ा 60 फीसदी ही माना जाएगा। इस तरह मौजूदा 58 फीसदी में 2 फीसदी जुड़ना तय है।
कब मिलेगा पैसा और क्या है 8वें वेतन आयोग का कनेक्शन?
इस बढ़ी हुई दर का लाभ 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। हालांकि, सरकारी प्रक्रियाओं के कारण इसका आधिकारिक ऐलान और नोटिफिकेशन आमतौर पर मार्च या अप्रैल में जारी होता है। कर्मचारियों को जनवरी से लेकर ऐलान तक का पैसा एरियर के रूप में मिलेगा।
Railway Fare Hike : 26 दिसंबर से महंगा होगा ट्रेन का सफर, जानें नई दरें
यह बढ़ोतरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग के नए चक्र की चर्चा शुरू हो चुकी है। जब भी नया आयोग आता है, पुराने डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में 60 फीसदी का यह आंकड़ा भविष्य में नए वेतन ढांचे और फिटमेंट फैक्टर को तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।














