DA Hike Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike) को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत मिल रहे भत्तों में जनवरी 2026 से संशोधन होना तय माना जा रहा है।
मौजूदा समय में कर्मचारियों को 58 फीसदी डीए मिल रहा है, जिसे जुलाई 2025 में 55 फीसदी से बढ़ाया गया था। अब दिसंबर 2025 के AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर अगली बढ़ोतरी तय होगी।
आंकड़ों में 5% बढ़ोतरी की गुंजाइश
महंगाई भत्ते का निर्धारण ‘ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स’ (AICPI-IW) के डेटा पर किया जाता है। विशेषज्ञों द्वारा की गई गणना बताती है कि यदि आंकड़ों का मौजूदा ट्रेंड बना रहा, तो डीए में 5 फीसदी का उछाल आ सकता है।
अगर ऐसा हुआ तो महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर सीधा 63% या 65% तक पहुंच जाएगा। हालांकि, अभी सरकार की तरफ से आधिकारिक मुहर लगना बाकी है।
सैलरी और एरियर का गणित
डीए में बढ़ोतरी साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में होती है। अगर सरकार फरवरी में डीए बढ़ाने का ऐलान करती है, तो इसे जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर भी उनके खाते में मिलेगा।
एक उदाहरण से समझें तो यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹10,000 है, तो अभी 58% के हिसाब से उसे ₹5,800 डीए मिलता है। 5% की बढ़ोतरी होने पर यह रकम ₹6,300 हो जाएगी। यानी सीधे तौर पर सैलरी में ₹500 महीने का इजाफा होगा। यह गणना बेसिक पे के आधार पर हर कर्मचारी के लिए अलग-अलग होगी।
ट्रैवल अलाउंस (TA) पर भी असर
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रैवल अलाउंस (TA) पर भी पड़ता है। डीए की दरें बढ़ने पर टीए में भी आनुपातिक वृद्धि की जाती है। हालांकि, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बदलाव केवल तभी संभव होता है जब बेसिक सैलरी रिवाइज की जाए। बेसिक सैलरी में बड़ा संशोधन जुलाई 2028 में 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही संभावित है।
डीए कैलकुलेशन का फॉर्मूला
महंगाई भत्ते की गणना एक निर्धारित फॉर्मूले के तहत की जाती है। इसका गणितीय आधार इस प्रकार है:
DA (%) = [{(Average AICPI-IW of last 12 months × 2.88) − 261.41} / 261.41] × 100 − Current DA
सोर्स में दिए गए उदाहरण के मुताबिक, यदि गणना का मान 63.00 आता है और मौजूदा डीए 58% है, तो कुल बढ़ोतरी 5% (63 – 58) होगी। इस फॉर्मूले के आधार पर ही 5% बढ़ोतरी की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इसका सीधा फायदा देश के करीब 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा।



















