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EPFO Update : न्यूनतम पेंशन 1000 से बढ़कर 4285 रुपये होने के आसार, वेज लिमिट पर टिकी नजरें

निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की पेंशन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र और ईपीएफओ को वेज लिमिट बढ़ाने के निर्देश के बाद, इस सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली अधिकतम पेंशन 7,500 रुपये से बढ़कर सीधे 15,000 रुपये हो जाएगी, जिससे करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को बुढ़ापे में बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

Published on: January 16, 2026 1:02 PM
EPFO Update : न्यूनतम पेंशन 1000 से बढ़कर 4285 रुपये होने के आसार, वेज लिमिट पर टिकी नजरें
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HIGHLIGHTS

  • ईपीएफओ की मौजूदा वेज लिमिट 15,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की चर्चा है।
  • वेज लिमिट बढ़ने से ईपीएस (EPS) में योगदान बढ़ेगा और पेंशन की राशि दोगुनी हो सकती है।
  • नए गणित के अनुसार, 35 साल की नौकरी पर अधिकतम पेंशन 15,000 रुपये और न्यूनतम 4,285 रुपये संभव है।

EPFO Update : प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ (EPFO) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को वेज लिमिट (Wage Limit) बढ़ाने का निर्देश दिया है।

मौजूदा समय में महंगाई को देखते हुए रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन अक्सर नाकाफी साबित होती है, लेकिन अगर वेज लिमिट में यह प्रस्तावित बदलाव लागू होता है, तो कर्मचारियों की मासिक पेंशन में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा।

क्यों कम मिलती है पेंशन?

अक्सर ज्यादा सैलरी होने के बावजूद रिटायरमेंट के बाद पेंशन की रकम बहुत कम आती है। इसका मुख्य कारण ईपीएफओ का मौजूदा नियम है। वर्तमान में पेंशन की गणना के लिए वेतन की अधिकतम सीमा (Wage Limit) 15,000 रुपये तय है।

यानी, भले ही आपकी बेसिक सैलरी 50 हजार या 1 लाख रुपये हो, लेकिन ईपीएस (EPS) में जाने वाला योगदान केवल 15,000 रुपये पर ही काटा जाता है।

जब कंपनी आपके पीएफ खाते में पैसा डालती है, तो उसका एक हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है। 15,000 रुपये की कैपिंग के कारण यह योगदान सीमित हो जाता है। यही वजह है कि मौजूदा नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 7,500 रुपये और न्यूनतम 1,000 रुपये की ही मासिक पेंशन मिल पाती है।

30,000 रुपये की लिमिट से ऐसे बदलेगा गणित

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब चर्चा है कि इस वेज लिमिट को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जा सकता है। पेंशन कैलकुलेट करने का फार्मूला है: (पेंशन योग्य सैलरी × नौकरी के साल) / 70।

अभी 15,000 रुपये की लिमिट पर अधिकतम 35 साल की नौकरी के लिए गणना करने पर (15,000 × 35) / 70 = 7,500 रुपये पेंशन बनती है। लेकिन जैसे ही आधार 30,000 रुपये होगा, यह आंकड़ा सीधे दोगुना हो जाएगा। इसका सीधा असर यह होगा कि आपके ईपीएस खाते में हर महीने जमा होने वाली रकम बढ़ जाएगी, जो अंततः आपकी मंथली पेंशन को बढ़ा देगी।

सीधे 15,000 रुपये होगी पेंशन

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो लंबे समय से संगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। यदि वेज लिमिट 30,000 रुपये होती है और कोई कर्मचारी 35 साल की सेवा पूरी करता है, तो उसे मिलने वाली अधिकतम पेंशन 7,500 रुपये से बढ़कर सीधे 15,000 रुपये हो जाएगी।

सिर्फ अधिकतम पेंशन ही नहीं, बल्कि न्यूनतम पेंशन में भी बड़ा सुधार होगा। मौजूदा आंकड़ों और फॉर्मूले के अनुसार, लिमिट बढ़ने पर कर्मचारियों को कम से कम 4,285 रुपये की पेंशन मिल सकती है, जो अभी महज 1,000 रुपये है। यह बदलाव नौकरीपेशा वर्ग के लिए बुढ़ापे का एक मजबूत सहारा बन सकता है।

Rajat Sharma

रजत शर्मा बतौर ऑथर करीब 3 साल से दून हॉराइज़न से जुड़े हुए हैं। मूल रूप से देहरादून (उत्तराखंड) के रहने वाले रजत शर्मा दून हॉराइज़न में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखते हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय रजत ने यहां से पहले कई और मीडिया संस्थानों में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। 📧 Email: info.dhnn@gmail.com

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