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सोने-चांदी को भूल जाइए, इस साल Platinum ने दिया 150% का रिटर्न

साल 2025 में प्लेटिनम ने सोने-चांदी को पछाड़ते हुए निवेशकों को 150 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. एक साल के भीतर इसकी कीमत 900-950 डॉलर से बढ़कर 2470 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है. ऑटोमोबाइल, ग्रीन एनर्जी और मेडिकल सेक्टर में बढ़ती मांग व सीमित सप्लाई के कारण इसकी कीमतों में यह ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया है.

Published on: January 23, 2026 3:47 PM
सोने-चांदी को भूल जाइए, इस साल Platinum ने दिया 150% का रिटर्न
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HIGHLIGHTS

  • साल 2025 में प्लेटिनम ने दिया 150% से अधिक का भारी-भरकम रिटर्न.
  • एक साल में कीमत 900 डॉलर से उछलकर 2470 डॉलर प्रति औंस पहुंची.
  • समान अवधि में सोने और चांदी में केवल 40% की ही बढ़त दर्ज की गई.
  • गाड़ियों के कैटेलिटिक कन्वर्टर और हाइड्रोजन फ्यूल में प्लेटिनम का अहम इस्तेमाल.
  • मेडिकल सेक्टर में पेसमेकर और कैंसर की दवाओं में भी होता है उपयोग.

 

Platinum : निवेश के मामले में साल 2025 ने पुरानी धारणाओं को पूरी तरह बदल दिया है. अब तक निवेशक सुरक्षा के लिए सोने और चांदी पर भरोसा करते थे, लेकिन इस साल प्लेटिनम ने ‘साइलेंट सुपरस्टार’ की तरह एंट्री ली है. इस धातु ने गुपचुप तरीके से निवेशकों को ऐसा रिटर्न दिया है, जिसने मार्केट के बड़े दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है.

150 फीसदी का बंपर मुनाफा

आंकड़ों पर नजर डालें तो प्लेटिनम की चाल अकल्पनीय रही है. ठीक एक साल पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्लेटिनम 900 से 950 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था. आज यह आंकड़ा बढ़कर 2470 डॉलर प्रति औंस को छू गया है. इसका सीधा मतलब है कि निवेशकों को एक साल में 150 फीसदी से ज्यादा का मुनाफा मिला. वहीं, इसी दौरान निवेशकों की पहली पसंद माने जाने वाले सोने और चांदी में सिर्फ 40 फीसदी की ही तेजी देखने को मिली.

क्यों आसमान छू रहे हैं दाम?

प्लेटिनम की कीमतों में इस आग के पीछे अर्थशास्त्र का सीधा नियम है—मांग ज्यादा और सप्लाई कम. प्लेटिनम दुनिया में बहुत सीमित मात्रा में उपलब्ध है. दूसरी ओर, उद्योगों में इसकी खपत लगातार बढ़ रही है. जब किसी दुर्लभ चीज की जरूरत अचानक बढ़ जाती है, तो कीमतों में विस्फोट होना तय होता है. यही स्थिति इस समय प्लेटिनम के साथ बनी हुई है.

गाड़ियों और ग्रीन एनर्जी में भारी डिमांड

प्लेटिनम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री करती है. गाड़ियों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को कम करने के लिए लगाए जाने वाले ‘कैटेलिटिक कन्वर्टर’ में प्लेटिनम अनिवार्य होता है. दुनिया भर में प्रदूषण के नियम सख्त हो रहे हैं, जिससे इसकी मांग में भारी इजाफा हुआ है.

इसके अलावा, भविष्य की ऊर्जा तकनीक यानी ‘हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स’ में भी प्लेटिनम का रोल काफी अहम है. यही वजह है कि ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ती दुनिया के लिए यह एक जरूरी मेटल बन गया है.

मेडिकल और ज्वेलरी में भी खास जगह

सिर्फ इंडस्ट्री ही नहीं, लग्जरी और सेहत के बाजार में भी प्लेटिनम की अपनी धाक है. अपनी नेचुरल सफेद चमक और कभी जंग न लगने की खूबी के कारण शादी की अंगूठियों और हाई-एंड ज्वेलरी में इसे खूब पसंद किया जाता है. वहीं, मेडिकल साइंस में भी यह जीवन रक्षक है.

इसका इस्तेमाल पेसमेकर बनाने, डेंटल उपकरणों और यहां तक कि कैंसर के इलाज में काम आने वाली दवाओं में भी किया जाता है. ग्रीन टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ की यही रफ्तार रही, तो प्लेटिनम भविष्य का सबसे मजबूत निवेश मेटल साबित हो सकता है.

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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