Gold Silver Price Record High : साल 2026 की शुरुआत ने ही कमोडिटी बाजार में हलचल मचा दी है। जनवरी के पहले पखवाड़े में ही दोनों कीमती धातुओं ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब हैं, वहीं चांदी ने लंबी छलांग लगाते हुए 2.60 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर लिया है। बाजार में यह सवाल गूंज रहा है कि इस ऐतिहासिक तेजी में मुनाफा घर ले जाएं या और बढ़त का इंतजार करें।
दुनिया में डर का माहौल, इसलिए चमक रहा सोना
कीमतों में इस आग की मुख्य वजह सप्लाई या डिमांड नहीं, बल्कि जियो-पॉलिटिकल तनाव है। अमेरिका, ईरान, वेनेजुएला, चीन और जापान के बीच चल रही तनातनी ने ग्लोबल मार्केट को डरा दिया है। जब भी शेयर बाजार या दुनिया में अस्थिरता (Uncertainty) बढ़ती है, निवेशक अपना पैसा सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करते हैं और सोना हमेशा से सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर उठ रहे सवालों ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे सोने-चांदी की ‘सेफ हेवन’ वाली मांग बढ़ गई है।
क्या 2026 में भी जारी रहेगी यह दौड़?
बाजार के जानकारों का मानना है कि यह साल उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट बताती है कि 2026 में स्थिरता की उम्मीद कम है। दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं और खदानों से नई सप्लाई बहुत सीमित है। पुराने सोने की बिकवाली भी ज्यादा नहीं हो रही है। इन समीकरणों को देखते हुए माना जा रहा है कि लंबे समय के लिए सोना और चांदी पोर्टफोलियो को सहारा देते रहेंगे।
एक्सपर्ट की सलाह: मुनाफा वसूलें या बने रहें?
कीमतें आसमान पर हैं, ऐसे में रणनीति बहुत संभलकर बनानी होगी। ईटी की रिपोर्ट में आनंद राठी शेयर्स के कमोडिटी एक्सपर्ट मनीष शर्मा का कहना है कि वैश्विक तनाव जल्दी खत्म होता नहीं दिख रहा, इसलिए कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।
फिर भी, समझदारी इसी में है कि लालच न करें। एक्सपर्ट्स ने मौजूदा निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपना पूरा पैसा निकालने के बजाय 40 से 50 फीसदी तक मुनाफा (Profit Booking) जरूर काट लें। इससे आपकी पूंजी सुरक्षित हो जाएगी और बाकी निवेश पर आगे की तेजी का लाभ भी मिलता रहेगा। वहीं, जो लोग अब बाजार में घुसना चाहते हैं, वे एक साथ बड़ी रकम न लगाएं। SIP के जरिए या किस्तों में थोड़ा-थोड़ा निवेश करना ही इस वक्त सबसे सुरक्षित तरीका है।



















