Lakhpati Didi Yojana : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट भाषण में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए लखपति दीदी योजना में बड़े सुधार की घोषणा की है।
इस योजना के जरिए अब महिला उद्यमियों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए समुदाय के स्वामित्व वाले ‘शी-मार्ट्स’ (SHE-Marts) स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल ऋण लेने तक सीमित न रखकर उन्हें व्यापारिक स्वामित्व सौंपना है।
शी-मार्ट्स से बढ़ेगी कमाई
प्रस्तावित शी-मार्ट्स को क्लस्टर स्तर के संघों के भीतर रिटेल स्टोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्टोर्स के संचालन के लिए सरकार नए और बेहतर वित्तीय तरीके अपनाएगी ताकि ग्रामीण उत्पादों को सही मंच मिल सके।
वित्त मंत्री के अनुसार, यह कदम स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा और महिलाओं के लिए कमाई के नए रास्ते खोलेगा।
आत्मनिर्भरता का नया मॉडल
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की स्थायी आय तक पहुँचाना है। वर्तमान में महिलाओं को सिलाई, प्लंबिंग और एलईडी बल्ब बनाने के साथ-साथ ड्रोन उड़ाने जैसे तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सरकार की यह रणनीति पारंपरिक रोजगार से हटकर ग्रामीण महिलाओं को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार कर रही है।
जमीनी स्तर पर बढ़ता प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में लाल किले से 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसमें देशभर के SHGs से जुड़ी 10 करोड़ महिलाओं को शामिल करने की परिकल्पना थी। हालिया वर्षों में योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसके लक्ष्यों का दायरा बढ़ाया है। अब ‘शी-मार्ट्स’ के माध्यम से इन महिलाओं को सीधे रिटेल सेक्टर में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।



















