NPS Vatsalya Scheme : पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने बच्चों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए NPS वात्सल्य योजना 2025 के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लॉन्च की गई इस योजना का खाका अब पूरी तरह तैयार है। इसका सीधा मकसद माता-पिता को बच्चों के लिए कम उम्र से ही एक मजबूत फंड तैयार करने में मदद करना है।
कौन और कैसे कर सकता है निवेश
इस योजना का लाभ 18 वर्ष से कम उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है, जिसमें NRI और OCI कार्डधारक बच्चे भी शामिल हैं। खाता बच्चे के नाम पर खुलेगा, लेकिन 18 साल तक इसका संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक करेंगे।
खास बात यह है कि इस खाते को एक्टिव रखने के लिए सालाना सिर्फ ₹250 का न्यूनतम योगदान जरूरी है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं की गई है। माता-पिता के अलावा, रिश्तेदार और दोस्त भी बच्चे के भविष्य के लिए इस खाते में पैसा गिफ्ट कर सकते हैं।
पैसे निकालने के नियमों में बड़े बदलाव
PFRDA ने पुराने नियमों को बदलते हुए निकासी (Withdrawal) को काफी लचीला बना दिया है। नए प्रावधानों के मुताबिक, 18 साल की उम्र होने से पहले अभिभावक अब दो बार पैसे निकाल सकेंगे। वहीं, बच्चा जब 18 से 21 साल की उम्र के बीच होगा, तब भी दो बार निकासी की सुविधा मिलेगी। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।
अगर बच्चे के बालिग होने पर कुल जमा राशि ₹8 लाख या उससे कम है, तो पूरी रकम एक साथ निकाली जा सकती है। यदि राशि इससे ज्यादा है, तो 80% पैसा एकमुश्त निकाला जा सकेगा, जबकि बाकी 20% रकम से पेंशन के लिए एन्युटी प्लान खरीदना अनिवार्य होगा।
18 साल के बाद क्या होगा?
बच्चे के 18 साल का होते ही नए सिरे से KYC कराना होगा। इसके बाद 21 साल की उम्र तक अकाउंट होल्डर के पास तीन रास्ते होंगे:
- योजना को जारी रखना।
- खाते को सामान्य NPS Tier-I अकाउंट में बदल लेना।
- योजना से बाहर निकलना (एग्जिट करना)।
टैक्स और रिटर्न पर क्या है राय
टैक्स जानकारों के मुताबिक, यह योजना मिडिल क्लास परिवारों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अगर एनपीएस में मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ती है, तो 8 से 15 लाख रुपये सालाना कमाने वाले लोग ₹10,000 से ₹21,000 तक टैक्स बचा सकते हैं। यह न केवल टैक्स सेविंग का जरिया बनेगा, बल्कि कंपाउंडिंग की मदद से एक बड़ा रिटायरमेंट फंड भी तैयार करेगा।
खाता खोलने की प्रक्रिया
अभिभावक घर बैठे ऑनलाइन (eNPS पोर्टल) या ऑफलाइन (बैंक/पोस्ट ऑफिस) दोनों तरीकों से खाता खोल सकते हैं। इसके लिए अभिभावक का आधार/पैन और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जरूरी होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद एक PRAN (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) जारी किया जाएगा, जिससे भविष्य में खाते को ट्रैक किया जा सकेगा।



















