home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

खत्म हुआ हरीश रावत का 15 दिन का राजनीतिक अवकाश, सियासत में लौटे वापिस

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का 15 दिवसीय 'राजनीतिक अवकाश' आज समाप्त हो गया है, जिसके बाद उनके अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इस ब्रेक के दौरान रावत ने अपनी सांगठनिक ताकत का अहसास कराते हुए प्रदेश कांग्रेस के भीतर मचे घमासान को दिल्ली तक हवा दी है।

Published On: अप्रैल 10, 2026 10:27 अपराह्न
खत्म हुआ हरीश रावत का 15 दिन का राजनीतिक अवकाश, सियासत में लौटे वापिस

HIGHLIGHTS

  • रामनगर के नेता संजय नेगी की ज्वाइनिंग रुकने से आहत होकर लिया था अवकाश।
  • अवकाश के बावजूद प्रतिदिन 8-10 जनसंपर्क कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के जरिए चर्चा में बने रहे।
  • अपनी उपेक्षा करने वाले नेताओं और विरोधियों को अपनी उपस्थिति और ताकत का अहसास कराया।

देहरादून, 10 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत का बहुचर्चित 15 दिवसीय राजनीतिक अवकाश आज शुक्रवार को समाप्त हो गया है।

रावत ने यह अवकाश 28 मार्च को उस समय घोषित किया था, जब कांग्रेस में 6 नेताओं की ज्वाइनिंग के दौरान उनकी पसंद के नेता संजय नेगी को पार्टी में शामिल नहीं किया गया था। इस नाराजगी के बाद रावत के ‘मौन’ और ‘ब्रेक’ ने उत्तराखंड की सियासत में हलचल मचा दी थी।

सोशल मीडिया और जनसंपर्क से साधी सियासत

भले ही तकनीकी रूप से हरीश रावत अवकाश पर थे, लेकिन जमीनी स्तर पर वे और भी अधिक सक्रिय नजर आए। 77 वर्षीय दिग्गज नेता ने इस दौरान रोजाना 8 से 10 जनसंपर्क कार्यक्रमों में शिरकत की।

दिलचस्प यह रहा कि अवकाश के दौरान भी वे सोशल मीडिया पर अपनी हर गतिविधि साझा करते रहे, जिससे प्रदेश कांग्रेस का आधिकारिक नेतृत्व और हाल ही में पार्टी में शामिल हुए 6 नए नेता चर्चाओं के परिदृश्य से लगभग ओझल रहे। जानकारों का मानना है कि रावत ने इस रणनीतिक कदम से यह साबित कर दिया कि प्रदेश में कांग्रेस की धुरी आज भी उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती है।

अंदरूनी गुटबाजी और कंडाली का जिक्र

अवकाश के आखिरी दिन रावत ने सोशल मीडिया पर अपने विरोधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ‘कंडाली घास’ (बिच्छू घास) का जिक्र करते हुए उन लोगों पर तंज कसा जो उनके भाजपा में जाने की अफवाहें फैला रहे थे या उनकी आलोचना कर रहे थे। रावत ने स्पष्ट किया कि राजनीति के विपरीत ध्रुवों से जुड़े लोग भी उनके अवकाश पर एकजुट होकर प्रहार कर रहे थे।

इस अवधि में उन्हें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, कैबिनेट मंत्रियों और कई विधायकों का समर्थन मिला, जिसने हाईकमान को यह संदेश दिया कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए उन्हें नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।

कुमारी शैलजा के दौरे के बीच नई शुरुआत

अब जब हरीश रावत राजनीति की मुख्य पिच पर लौट आए हैं, तब प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी 5 दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। रावत की वापसी ऐसे समय में हुई है जब पार्टी के भीतर संजय नेगी की ज्वाइनिंग और सांगठनिक नियुक्तियों को लेकर खींचतान जारी है।

अब देखना यह होगा कि 15 दिन के इस ‘शक्ति प्रदर्शन’ के बाद रावत अपनी शर्तों को मनवाने में कितने सफल होते हैं और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ उनके संबंधों में क्या नया मोड़ आता है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment