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Bajra Roti Side Effects : बाजरे की रोटी खाने से पहले जान लें ये बात, इन लोगों के लिए बन सकती है ज़हर

सर्दियों में बाजरा भले ही 'सुपरफूड' माना जाता हो, लेकिन इसकी गर्म तासीर हर किसी के शरीर को रास नहीं आती। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, थायराइड, पेट की समस्याओं और स्किन एलर्जी से जूझ रहे लोगों को बाजरे की रोटी खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए, वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

Published on: January 29, 2026 7:20 AM
Bajra Roti Side Effects
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HIGHLIGHTS

  • पेट में गैस, एसिडिटी और भारीपन है तो बाजरे की रोटी से बढ़ाएं दूरी।
  • बाजरे में मौजूद 'गाइट्रोजन' थायराइड ग्लैंड के लिए खड़ी कर सकता है मुश्किल।
  • गर्भावस्था में गर्म तासीर और पाचन की दिक्कत के चलते इसे अवॉइड करना बेहतर।
  • स्किन एलर्जी और रैशेज की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह पर ही करें सेवन।

Bajra Roti Side Effects : सर्दियों की थाली बाजरे की रोटी और गुड़ के बिना अधूरी लगती है। यह एक मोटा अनाज (मिलेट) है, जिसे इसकी गर्म तासीर और पोषक तत्वों के कारण ‘सुपरफूड’ का दर्जा मिला है।

इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम का खजाना होता है। कड़कड़ाती ठंड में यह शरीर को गर्माहट देता है, लेकिन यही खूबी कुछ लोगों के लिए मुसीबत भी बन सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में बाजरे से परहेज करने की सलाह दी है।

पाचन तंत्र पर पड़ता है दबाव

अगर आप अक्सर पेट से जुड़ी परेशानियों का सामना करते हैं, तो बाजरे की रोटी आपके लिए सही विकल्प नहीं है। बाजरा प्रकृति में गर्म और रूखा (Dry) होता है। इसे पचाने के लिए पाचन तंत्र को काफी मेहनत करनी पड़ती है।

जिन लोगों को पहले से गैस, एसिडिटी, कब्ज या ब्लोटिंग की शिकायत रहती है, उनकी तकलीफ इसे खाने से बढ़ सकती है।

पेट में भारीपन महसूस होने पर बाजरे की जगह हल्के और सुपाच्य अनाज को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना समझदारी है।

प्रेग्नेंसी में क्यों बरतना चाहिए परहेज?

गर्भवती महिलाओं के खानपान में बहुत सावधानी की जरूरत होती है। बाजरे की गर्म तासीर गर्भ में पल रहे शिशु के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान पाचन क्रिया थोड़ी संवेदनशील होती है और बाजरा पचाने में भारी होता है।

यही वजह है कि एक्सपर्ट्स इस दौरान बाजरे की रोटी की जगह खिचड़ी, दलिया या आसानी से पच जाने वाले अनाजों के सेवन की सलाह देते हैं। इससे शरीर को पोषण भी मिलता है और पाचन भी दुरुस्त रहता है।

स्किन एलर्जी में ट्रिगर का काम

सर्दियों में रूखी त्वचा एक आम समस्या है, लेकिन जिन लोगों को अक्सर स्किन एलर्जी, खुजली या रैशेज होते हैं, उन्हें बाजरा संभलकर खाना चाहिए।

बाजरे का रूखापन और गर्म नेचर स्किन की समस्याओं को ‘ट्रिगर’ कर सकता है। अगर आपको ऐसी कोई दिक्कत है और आप बाजरे का स्वाद लेना चाहते हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से राय जरूर लें।

थायराइड मरीजों के लिए चेतावनी

थायराइड की समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट को लेकर सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। बाजरे में ‘गाइट्रोजन’ (Goitrogen) नामक एक तत्व पाया जाता है।

यह तत्व सीधे तौर पर थायराइड ग्लैंड के कामकाज को प्रभावित करता है। इसके कारण थायराइड हार्मोंस का संतुलन बिगड़ सकता है।

इसलिए, थायराइड के मरीजों को बाजरे की रोटी सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए या डॉक्टर से पूछकर ही इसे अपनी थाली में शामिल करना चाहिए।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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