Brown And White Egg Nutrition : बाजार में अंडे खरीदने जाते समय अक्सर मन में सवाल उठता है कि सफेद अंडा लिया जाए या ब्राउन। ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि ब्राउन अंडा महंगा है, तो यह सेहत के लिए सफेद अंडे से बेहतर ही होगा।
लेकिन विज्ञान और पोल्ट्री का गणित कुछ और ही कहता है। अंडे के छिलके का रंग उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू का पैमाना नहीं है।
रंग का असली कारण: मुर्गी की नस्ल
अंडे का रंग सफेद होगा या भूरा, यह पूरी तरह से मुर्गी की ब्रीड (नस्ल) पर निर्भर करता है। जिन मुर्गियों के पंख और कान का हिस्सा सफेद होता है, वे सफेद अंडे देती हैं।
वहीं, जिन मुर्गियों के पंख और कान भूरे या लाल रंग के होते हैं, वे ब्राउन अंडे देती हैं। इसका सीधा मतलब है कि रंग केवल जेनेटिक्स का खेल है, पोषण का नहीं।
क्या ब्राउन अंडे में ज्यादा प्रोटीन होता है?
न्यूट्रिशन के लिहाज से दोनों तरह के अंडों में कोई बड़ा अंतर नहीं होता। अगर मुर्गियों को खुला माहौल और धूप ज्यादा मिलती है, तो उनके अंडों में विटामिन-डी की मात्रा बढ़ सकती है, चाहे अंडा सफेद हो या ब्राउन।
अक्सर ब्राउन अंडे में ज्यादा न्यूट्रिशन होने का दावा उसके ‘साइज’ की वजह से किया जाता है। ब्राउन अंडे आमतौर पर सफेद अंडों से आकार में थोड़े बड़े होते हैं।
बड़ा अंडा होने के कारण उसमें जर्दी (यलो पार्ट) और सफेदी की मात्रा बढ़ जाती है। एक बड़े साइज के अंडे में लगभग 90 कैलोरी और 8 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि छोटे साइज के अंडे में 60 कैलोरी और 6 ग्राम प्रोटीन होता है। यह अंतर रंग का नहीं, बल्कि मात्रा का है।
ब्राउन अंडा महंगा क्यों मिलता है?
जब दोनों के गुण लगभग समान हैं, तो ब्राउन अंडे की कीमत ज्यादा क्यों होती है? इसका कारण मुर्गियों की खुराक है। ब्राउन अंडे देने वाली मुर्गियों को पालने और खिलाने का खर्च सफेद मुर्गियों की तुलना में ज्यादा आता है।
वे ज्यादा खाना खाती हैं। साथ ही बाजार में ब्राउन अंडों की सप्लाई सफेद के मुकाबले कम होती है। लागत ज्यादा होने के कारण ही दुकानदार ब्राउन अंडे महंगी कीमत पर बेचते हैं।
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