Pairo Me Dard Ka Karan : क्या आप जानते हैं कि आपके पैर आपकी अंदरूनी सेहत का पूरा हाल बता सकते हैं? अक्सर हम पैरों के दर्द या त्वचा में बदलाव को थकान मानकर टाल देते हैं, लेकिन यह शरीर में हो रही न्यूट्रिशन की कमी की ‘वार्निंग घंटी’ हो सकती है।
अगर आप भी पैरों से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, तो जानिए आपका शरीर आपसे क्या कहने की कोशिश कर रहा है।
पैरों में लगातार दर्द का मतलब
अगर आपके पैरों में दर्द बना रहता है और जाने का नाम नहीं ले रहा, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है।
यह सोडियम इंबैलेंस, पोटैशियम की कमी, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) या मैग्नीशियम की कमी के कारण होता है। ऐसे में पेनकिलर खाने की बजाय इन पोषक तत्वों की पूर्ति पर ध्यान देना चाहिए।
एड़ी और एंकल का दर्द
एड़ियों में चुभने वाला दर्द विटामिन डी, कैल्शियम या मैग्नीशियम की कमी का सीधा संकेत है। वहीं, अगर एंकल (टखने) वाले हिस्से में दर्द है, तो यह भी कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के कारण हो सकता है।
इसके अलावा, बढ़ा हुआ यूरिक एसिड या ऑस्टियोआर्थराइटिस भी एंकल पेन की बड़ी वजह बनते हैं।
पैरों का ठंडा रहना और सुन्नपन
अगर आपके पैर शरीर के बाकी तापमान से ज्यादा ठंडे रहते हैं, तो आपको एनीमिया (खून की कमी) हो सकता है। इसके लिए फोलिक एसिड और विटामिन B12 की कमी जिम्मेदार होती है।
कई बार एंजायटी भी इसका कारण बनती है। दूसरी ओर, अगर पैरों में झुनझुनी होती है या वे सुन्न पड़ जाते हैं, तो यह विटामिन B, मैग्नीशियम या जिंक की कमी को दर्शाता है।
फटी एड़ियां और स्पाइडर वेन्स
सर्दियों में एड़ियां फटना आम है, लेकिन अगर यह समस्या हर मौसम में बनी रहे तो आप डिहाइड्रेशन, विटामिन A या ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से जूझ रहे हैं।
पैरों में नीली-बैंगनी नसें (स्पाइडर वेन्स) दिखना हार्मोनल बदलाव के अलावा विटामिन K, विटामिन C और विटामिन E की कमी का इशारा है। लगातार एक ही पोजीशन में बैठे या खड़े रहने से भी यह समस्या हो सकती है।















