Gluten Free Diet : हम सब जानते हैं कि संतुलित आहार शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत देता है। लेकिन कभी-कभी यही खाना शरीर का दुश्मन बन जाता है। जब हमारा इम्यून सिस्टम किसी विशिष्ट भोजन को खतरे की तरह देखने लगता है, तो इसे फूड एलर्जी कहा जाता है।
खास तौर पर गेहूं से होने वाली एलर्जी में ग्लोबुलिन, ग्लिएडिन, एल्बुमिन और ग्लूटेन जैसे प्रोटीन मुख्य कारण होते हैं। सिलिएक रोग (Celiac Disease) या गेहूं की एलर्जी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर अक्सर अनाज बदलने की सलाह देते हैं।
लेकिन समस्या यह है कि गेहूं सिर्फ रोटियों में नहीं, बल्कि कई ऐसी चीजों में छिपा होता है जिनका हम रोज सेवन करते हैं।
ड्रिंक्स और बेवरेज में छिपा खतरा
बहुत कम लोगों को अंदाजा होता है कि उनके पीने की चीजों में भी ग्लूटेन हो सकता है। बीयर और गेहूं से बने अन्य मादक पेय पदार्थों का सेवन एलर्जी वाले लोगों के लिए नुकसानदायक है।
इसके अलावा, बाजार में मिलने वाली बोतलबंद वाइन, पहले से तैयार (Pre-made) कॉफी और अन्य ड्रिंक्स में भी गेहूं के अंश मिल सकते हैं, जो आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं।
सॉस और किचन का सामान
अगर आप चाइनीज खाने के शौकीन हैं और आपको गेहूं से एलर्जी है, तो सावधान हो जाएं। सोया सॉस, केचअप, सिरका (Vinegar) और बारबेक्यू सॉस में अक्सर ग्लूटेन मौजूद होता है।
ये चीजें पेट में जाते ही एलर्जी को ‘ट्रिगर’ कर देती हैं, जिससे इम्यून सिस्टम गड़बड़ा जाता है और शरीर में विकार उत्पन्न होने लगते हैं।
बेकरी और प्रोसेस्ड फूड से बनाएं दूरी
कुकीज, पेस्ट्री, केक, डोनट्स और यहां तक कि सफेद ब्रेड या टॉर्टिला में गेहूं का आटा मुख्य सामग्री होती है। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड यानी पैकेटबंद या पहले से तैयार खाने में भी खतरा कम नहीं है।
बर्गर, प्रोसेस्ड मीट, आइसक्रीम और फ्रेंच फ्राइज जैसी चीजों में बाइंडिंग या स्वाद के लिए ग्लूटेन का इस्तेमाल होता है। इसलिए, गेहूं की एलर्जी वाले लोगों को इन चीजों का सेवन करने से पहले दो बार सोचना चाहिए।















