Gut Health Remedies : शरीर किसी भी बड़ी बीमारी के आने से पहले छोटे-छोटे संकेतों के जरिए चेतावनी देता है। खराब गट हेल्थ (पाचन तंत्र) केवल पेट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हार्मोनल असंतुलन, स्किन की समस्याओं और मूड स्विंग्स का मुख्य कारण बनती है।
ऐसे 10 लक्षण और उनके सटीक घरेलू उपाय बताए हैं, जो शरीर में जमा गंदगी (टॉक्सिंस) को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
खाने के बाद भारीपन और पेट फूलना
अगर थोड़ा सा खाना खाते ही पेट पत्थर जैसा टाइट महसूस होता है, तो यह कमजोर ‘डाइजेस्टिव फायर’ का संकेत है। इस स्थिति में पाचन सही नहीं हो पाता।
कब्ज और लूज मोशन का चक्र
जब किसी व्यक्ति को एक दिन कब्ज और अगले दिन लूज मोशन की शिकायत हो, तो यह शरीर में जमा ‘आम’ यानी टॉक्सिंस की निशानी है।
आंतों की इस अनियमितता को सुधारने के लिए त्रिफला चाय का सेवन सबसे बेहतर विकल्प है।
जीभ पर सफेद परत और मुंह की बदबू
सुबह उठने पर जीभ पर सफेद परत दिखना बताता है कि शरीर टॉक्सिंस को होल्ड कर रहा है। इसके लिए तांबे के टंग स्क्रैपर से जीभ साफ करें और अदरक वाला पानी पिएं।
वहीं, ब्रश करने के बाद भी अगर मुंह से बदबू (Halitosis) न जाए, तो यह पेट के टॉक्सिंस का मुंह तक आना है। इसके लिए सौंफ, धनिया और इलायची को उबालकर ठंडा करें और इस पानी से कुल्ला करें।
एसिडिटी और सीने में जलन
खाने के बाद खट्टी डकार या सीने में जलन शरीर में पित्त बढ़ने का लक्षण है। शरीर को ठंडक देने के लिए सौंफ चबाएं या सौंफ की चाय पिएं। यह जलन को शांत कर आराम दिलाती है।
थकान और ब्रेन फॉग
अगर भरपूर नींद लेने के बाद भी शरीर थका हुआ लगे, तो इसका मतलब है कि आपकी बॉडी अभी भी खाना पचाने की कोशिश कर रही है। एनर्जी लेवल सुधारने के लिए दिन में 5-7 बार सूर्य नमस्कार करें।
वहीं, अगर दिमाग धीमा चल रहा है या फोकस में कमी है, तो यह गट और ब्रेन के कनेक्शन को दिखाता है। सुबह खाली पेट गर्म पानी में घी डालकर पीने से इसमें सुधार होता है।
स्किन प्रॉब्लम और क्रेविंग्स
लिवर और कोलन में गंदगी जमा होने पर चेहरे पर एक्ने, रैशेज या एक्जिमा होने लगता है। सुबह धनिया का पानी पीने से खून साफ होता है और स्किन ग्लो करती है।
दूसरी ओर, अगर बार-बार मीठा या नमकीन खाने का मन करे, तो यह माइक्रोबियल इंबैलेंस है। इसे कंट्रोल करने के लिए गुनगुने पानी में दालचीनी और सौंठ (सूखा अदरक) मिलाकर पिएं।
मूड स्विंग्स और इमोशनल हेल्थ
शरीर का 90 प्रतिशत सेरोटोनिन (हैप्पी हार्मोन) गट में बनता है। जब पाचन खराब होता है, तो भावनाएं भी अस्थिर हो जाती हैं। प्राणायाम करने से मन शांत होता है और गट हेल्थ के साथ दिमागी संतुलन भी बना रहता है।















