Health Tips : सुबह की भागदौड़ में ज्यादातर लोग नाश्ते के लिए सबसे आसान विकल्प यानी ‘अंडे’ का चुनाव करते हैं। प्रोटीन, विटामिन ए, डी और आयरन से भरपूर होने के कारण इसे सुपरफूड माना जाता है।
लेकिन अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो बिस्तर से उठते ही सीधे खाली पेट अंडा खाते हैं, तो यह आदत आपकी सेहत को फायदे की जगह नुकसान पहुंचा रही है। आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों ही इस तरीके को शरीर के लिए हानिकारक मानते हैं।
पाचन तंत्र पर पड़ता है सीधा असर
सुबह खाली पेट अंडा खाने का सबसे पहला असर आपके पेट पर दिखता है। जिन लोगों का पाचन तंत्र पहले से कमजोर है, उन्हें पेट फूलना (ब्लोटिंग), गैस बनना और पेट में मरोड़ उठने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
शरीर को सुबह सबसे पहले हल्के और सुपाच्य भोजन की जरूरत होती है, जबकि अंडा प्रोटीन से भरा और भारी होता है, जिसे पचाने में खाली पेट को संघर्ष करना पड़ता है।
इंफेक्शन और एलर्जी का खतरा
जल्दबाजी में कई बार लोग कच्चा या अधपका (हाफ फ्राइड) अंडा खा लेते हैं। खाली पेट ऐसा करना फूड पॉइजनिंग को न्योता देना है।
इसमें ‘साल्मोनेला’ नामक बैक्टीरिया हो सकता है, जो शरीर में जाते ही बुखार, दस्त और पेट में ऐंठन पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, जिन्हें अंडे से एलर्जी है, अगर वे खाली पेट इसका सेवन करें तो एक्जिमा, शरीर में सूजन, उल्टी और सांस लेने में दिक्कत जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है।
दवाओं का असर और अधूरा पोषण
अगर आप किसी बीमारी के लिए एंटीबायोटिक्स ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना नाश्ते में अंडा न लें। अंडे में मौजूद हाई प्रोटीन कुछ विशिष्ट एंटीबायोटिक्स के अवशोषण में बाधा डाल सकता है, जिससे दवा का असर कम हो जाता है।
एक और बड़ी गलती यह है कि लोग नाश्ते में ‘सिर्फ’ अंडा खाते हैं। इससे शरीर को फाइबर और कार्बोहाइड्रेट नहीं मिल पाते।
एक संतुलित नाश्ते में विटामिन और मिनरल्स के साथ-साथ फाइबर का होना भी जरूरी है, इसलिए अंडे के साथ अन्य चीजों को भी शामिल करना बेहतर विकल्प है।















