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Health Tips : पीरियड्स के दर्द और PCOS से हैं परेशान? मुलेठी का ये नुस्खा दिलाएगा आराम

मुलेठी (Licorice) सिर्फ गले की खराश या खांसी की दवा नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे 8 गंभीर बीमारियों का इलाज माना गया है। इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर पीसीओएस (PCOS) और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं में मुलेठी का सेवन वैज्ञानिक रूप से असरदार साबित हुआ है।

Published on: February 3, 2026 7:33 AM
Health Tips
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HIGHLIGHTS

  • फेफड़ों की सुरक्षा: मुलेठी में मौजूद ब्रोन्कोडायलेटर गुण अस्थमा और ब्रोन्काइटिस में सांस लेना आसान बनाते हैं।
  • महिलाओं के लिए वरदान: यह पीसीओएस में टेस्टोस्टेरोन लेवल घटाने और पीरियड्स के दर्द में राहत देने में मदद करती है।
  • पेट की जलन: 2017 की एक स्टडी के अनुसार, मुलेठी की जड़ एसिड रिफ्लक्स और अपच में बेहद कारगर है।
  • इम्यूनिटी बूस्टर: इसके एंजाइम शरीर में बीमारी से लड़ने वाली कोशिकाओं (लिम्फोसाइट्स) को बढ़ाते हैं।

Health Tips : मुलेठी, जिसे अंग्रेजी में लिकोरिस (Licorice) कहा जाता है, भारतीय रसोई और आयुर्वेद का एक जाना-पहचाना नाम है। अक्सर लोग इसे केवल गले की खराश या सर्दी-खांसी की दवा समझते हैं।

लेकिन सच्चाई यह है कि यह साधारण सी दिखने वाली लकड़ी सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। आयुर्वेद के मुताबिक, मुलेठी का सही इस्तेमाल आपको 8 तरह की शारीरिक समस्याओं से बचा सकता है।

ले और फेफड़ों के लिए संजीवनी

मुलेठी में ब्रोन्कोडायलेटर (Bronchodilator) गुण पाए जाते हैं। यह न केवल गले की खराश को दूर करती है, बल्कि ब्रोन्काइटिस जैसी स्थिति में भी राहत देती है।

मुलेठी को कच्चा चबाने से पुरानी खांसी में आराम मिलता है। वहीं, इसका पानी पीने से गला साफ रहता है। 2019 की एक स्टडी में पाया गया कि मुलेठी में मौजूद ‘ग्लिसराइजिन’ अस्थमा के मरीजों को भी राहत पहुंचा सकता है।

इम्यूनिटी का पावरहाउस

शरीर को बार-बार होने वाले संक्रमण से बचाने के लिए मुलेठी बेहतरीन काम करती है। इसमें ऐसे एंजाइम होते हैं जो शरीर में लिम्फोसाइट्स और मैक्रोफेज के निर्माण को बढ़ावा देते हैं।

ये कोशिकाएं शरीर में घुसने वाले बैक्टीरिया, एलर्जी और प्रदूषण से लड़ती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

इसके लिए मुलेठी की चाय का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है।

महिलाओं की सेहत और हार्मोंस

आजकल महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) और पीसीओडी की समस्या आम हो गई है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मुलेठी शरीर में पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) के स्तर को कम करने में मदद करती है, जिससे हार्मोनल संतुलन बनता है।

इसके अलावा, पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द (क्रैम्पस) और मेनोपॉज के समय होने वाली परेशानियों में भी यह औषधि राहत देती है।

पेट, स्किन और दांतों की सुरक्षा

अगर आपको अक्सर सीने में जलन या एसिडिटी रहती है, तो मुलेठी काम आ सकती है। इसके अलावा, मुलेठी का इस्तेमाल स्किन एलर्जी, सूजन और मुहांसों (Acne) को कम करने में भी किया जाता है।

दांतों की सड़न, दर्द और मुंह की बदबू को दूर करने के लिए मुलेठी के पानी से कुल्ला करना या इसकी जड़ को चूसना एक पुराना और प्रभावी नुस्खा है।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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