Health Tips : भारतीय घरों में खाने की थाली अचार के बिना अधूरी मानी जाती है। दादी-नानी के हाथों का बना खट्टा-मीठा अचार जुबान का स्वाद तो बढ़ा देता है, लेकिन सेहत के लिहाज से यह हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है।
हम अक्सर स्वाद के चक्कर में यह भूल जाते हैं कि अचार में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स, नमक और तेल की मात्रा सामान्य खाने से कहीं ज्यादा होती है।
स्वस्थ व्यक्ति अगर सीमित मात्रा में अचार खाए तो ठीक है, लेकिन कुछ विशेष बीमारियों में यह स्वाद भारी पड़ सकता है। यहां जानिए कि किन लोगों को अचार की बरनी से दूर रहना चाहिए।
हाई ब्लड प्रेशर और दिल के मरीज रहें सावधान
हाई बीपी (Hypertension) के मरीजों के लिए अचार सबसे बड़ा दुश्मन साबित हो सकता है। दरअसल, अचार को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उसमें भारी मात्रा में नमक (सोडियम) और तेल डाला जाता है।
ज्यादा सोडियम सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद तीखे मसाले हार्ट के मरीजों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं माने जाते।
डायबिटीज में मीठा अचार खतरनाक
अक्सर लोग सोचते हैं कि डायबिटीज में खट्टा अचार सुरक्षित है, लेकिन सावधानी जरूरी है। कई बार अचार का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमें चीनी, गुड़ या सिरके (Vinegar) का इस्तेमाल होता है।
यह कॉम्बिनेशन शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदायक है। इस तरह का अचार खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से स्पाइक कर सकता है। इसलिए अचार खाने से पहले उसके इंग्रेडिएंट्स जरूर चेक करें।
किडनी और लीवर पर बढ़ता है दबाव
जिन लोगों को किडनी या लीवर से जुड़ी कोई भी बीमारी है, उन्हें अचार खाने से सख्त परहेज करना चाहिए। अचार में मौजूद अत्यधिक नमक (सोडियम) किडनी के फंक्शन को प्रभावित करता है।
ज्यादा नमक खाने से शरीर में ‘वॉटर रिटेंशन’ की समस्या हो जाती है, जिससे हाथ-पैरों और चेहरे पर सूजन आने का खतरा बढ़ जाता है।
पेट की समस्याओं में ‘आग में घी’
अगर आपका पाचन तंत्र कमजोर है, तो अचार से दूरी बनाना ही बेहतर है। अचार बनाने में इस्तेमाल होने वाले भारी तेल और मसाले पचाने में मुश्किल होते हैं।
जिन लोगों को अक्सर गैस, कब्ज, अपच या सीने में जलन (Acidity) की शिकायत रहती है, उनके लिए अचार खाना समस्या को और बढ़ाने जैसा है।















