Health Tips : बदलते मौसम या खान-पान में जरा सी लापरवाही से गले में दर्द होना आम बात है। आमतौर पर यह दिक्कत कुछ दिनों में खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है।
असली चिंता तब शुरू होती है, जब काढ़ा पीने, घरेलू नुस्खे आजमाने और दवा लेने के बाद भी दर्द जाने का नाम न ले। कई बार तकलीफ इतनी बढ़ जाती है कि खाना निगलने में भी परेशानी होने लगती है।
अगर आपका गला लगातार दुख रहा है, तो इसके पीछे सिर्फ सर्दी-जुकाम नहीं, बल्कि ये 5 अन्य कारण भी हो सकते हैं।
वायरल इन्फेक्शन और साइनस का हमला
गले में खराश की सबसे आम वजह वायरस होते हैं। जब गले के निचले हिस्से में संक्रमण होता है, तो दर्द के साथ बुखार, बहती नाक और खांसी जैसी समस्याएं भी घेर लेती हैं।
वहीं, साइनस (खोपड़ी की खोखली गुहाएं) भी इसका एक बड़ा कारण है। बैक्टीरिया, वायरस या फंगस जब साइनस को संक्रमित करते हैं, तो नाक से पानी या बलगम गले के पीछे की तरफ बहने लगता है।
यही संक्रमित बलगम गले में दर्द और जलन पैदा करता है।
एलर्जी और एसिड रिफ्लक्स
अगर आपको धूल, फफूंद या डैंड्रफ (रूसी) से एलर्जी है, तो इससे नाक बहने की समस्या हो सकती है। यह डिस्चार्ज गले में जाकर खराश और सूजन का कारण बनता है।
इसमें अक्सर गले में खुजली भी महसूस होती है। एक और अहम कारण है ‘एसिड रिफ्लक्स’। जब आप सो रहे होते हैं, तो पेट का एसिड ऊपर चढ़कर ग्रासनली और गले के पिछले हिस्से तक आ जाता है।
यही वजह है कि एसिड रिफ्लक्स के मरीजों को गले में दर्द अक्सर सुबह सोकर उठने पर ज्यादा महसूस होता है।
कब हो सकती है गंभीर बीमारी?
हालांकि यह बहुत सामान्य नहीं है, लेकिन गले का दर्द कभी-कभी गंभीर बीमारियों का इशारा भी होता है। गले के कैंसर से जुड़े ट्यूमर दर्द का कारण बन सकते हैं।
इसके अलावा, टीबी (Tuberculosis) भी सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहती। टीबी का संक्रमण गले के लिम्फ नोड्स में फैल सकता है, जिससे लगातार दर्द और सूजन बनी रहती है।















